26 जनवरी को घास काटने निकले चचेरे भाइयों के शव घर से 7 किमी दूर गांव कैनेट के जंगल में खून से लथपथ मिले। मामला पंजाब-हिमाचल सीमा से सटे हिमाचल के फतेहपुर का है। एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन का कहना है शवों का पोस्टमार्टम टांडा मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है। फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।
गांव गंदीरी के रहने वाले चचेरे भाई 26 जनवरी को पशुओं के लिए चारा लाने के लिए निकले थे पर वापस नहीं लौटे। रात तक घर न लौटने पर परिवार ने उनकी हिमाचल और पंजाब के पठानकोट सहित अन्य पड़ोसी जिलों में तलाश शुरू की लेकिन दोनों की लाशें घर से 7 किमी. दूर हिमाचल के ही गांव गदराना और कैनेट के पास पड़ते जंगलों में मिली।
छोटे भाई रमन का शव पुलिस ने गुरुवार को ही बरामद कर लिया था। 11 साल के रमन कुमार की खून से सनी लाश को भेड़ चराने वाले ने देखा तो पंचायत प्रधान सहित सूचना इंदौरा थाना प्रभारी सुरिंदर धीमान और फतेहपुर पुलिस थाना प्रभारी सुरेश शर्मा को दी।
पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। गुरुवार को रात गहराने पर सर्च बंद कर दिया गया। शुक्रवार को रमन की लाश से 400 मीटर दूर बड़े भाई 18 वर्षीय अभिषेक का शव पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने जंगल से दातर और मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास का चप्पा चप्पा खंगाला और साक्ष्य जुटाए। वहीं धर्मशाला से फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. एसके पॉल के नेतृत्व में टीम जंगल और आसपास के इलाकों में जांच को जुटी हैं।