पंजाब में बरनाला के डीसी के मुआवजे की मांग पर दिया विवादास्पद बयान सामने आने से बवाल मच गया है। हुआ यूं कि बीते 15 जून को कस्बा धनौला की आटो वर्क्स में गैस पाइप लीक होने से दुकान में लगी आग से दुकान में बैठे पांचवें नौजवान सतनाम सिंह की भी शनिवार को मौत हो गई।
मृतकों के परिजन एवं उनके हिमायती लोग मांग कर रहे थे कि नौजवानों के परिवारों की आर्थिक मदद की जाए, लेकिन मामला तब गर्मा गया जब डीसी बरनाला गुरलवलीन सिंह सिद्धू ने कह दिया कि रोज ही लोग मरते हैं, सरकार किन किन को मुआवजा दे।
डीसी के तबादले की मांग
डीसी की इस बात पर लोगों में बवाल मच गया और पांचों नौजवानों के शव मुख्यमार्ग पर रखकर डीसी के तबादले की मांग के साथ साथ परिवारों के लिए मुआवजे की मांग शुरू कर दी गई।
अकाली नेता कुलवंत सिंह कीतू, यूथ अकाली नेता गुरप्रीत सिंह गोपी, परमिंदर सिंह खुर्मी, दर्शन सिंह ढिल्लों, कांग्रेसी नेता गुरजीत बराड़ इत्यादि नेताओं ने भी धरने में शामिल होकर डीसी के तबादले की मांग की और नौजवानों के परिवारों को पांच पांच लाख रुपये के मुआवजे की मांग की।
शव मुख्यमार्ग पर रखकर धरना जारी
गौर हो कि जगतार सिंह तारी निवासी भैणी जस्सा, बैसाखा सिंह निवासी भैणी जस्सा, रोहित कुमार निवासी धनौला एवं बाबा खान निवासी धनौला ने गत शुक्रवार को दम तोड़ दिया था। पांचों नौजवानों के शव एंबुलेंस से धनौला लाए गए।
मृतकों में रोहित कुमार, बैसाखा सिंह व बाबू खान अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे। शोक में पूरा का पूरा धनौला बंद रहा। शाम को खबर लिखे जाने तक शव मुख्यमार्ग पर रखकर धरना जारी था और धरनाकारी डीसी बरनाला के तबादले की मांग पर अड़े हुए थे।