फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्मनाक! बेटी के रेप केस में पिता को फंसा दिया

Tue, 10 Feb 2015 02:49 PM IST
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की यह शर्मनाक करतूत पढ़कर आप शर्मसार हो जाएंगे। बेटी के रेप में आरोपी को छोड़कर पिता को फंसा दिया। इस मामले में सच उजागर होने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पेहवा के तत्कालीन एसपी व एसएचओ से पांच लाख रुपये मुआवजा वसूलने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि एक बेकसूर पिता को झूठे केस में फंसाना और पुलिस जांच में राजनीतिक प्रभाव गलत है। हाईकोर्ट ने सरकार को एसपी व एसएचओ से मुआवजा राशि वसूल करके याचिकाकर्ता पिता को चार हफ्ते में अदा करने का निर्देश देते हुए कहा कि मुआवजा याचिका दायर करने के वक्त 1999 से लेकर अब तक नौ प्रतिशत ब्याज समेत वसूला जाए।

हालांकि याचिका पर सरकार ने जवाब दिया कि पीड़ित व्यक्ति को अदालत ने छोड़ दिया है। लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि सजा होना या बरी होना अलग बात है। याचिकाकर्ता ने अपनी ही बेटी के बलात्कार और कत्ल केस के झूठे आरोप में मानसिक यातना झेली है, लिहाजा मुआवजा दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने एडवोकेट आरएस बैंस और एडवोकेट लवलीत ठाकुर के जरिए हाईकोर्ट में मामला उठाया था।
विज्ञापन

यह है पूरा मामला

27 दिसंबर 1993 को लोहार माजरा (पेहवा) का एक व्यक्ति घर पहुंचा तो अपनी बेटी को मृत पाया। वह लहुलुहान थी और उससे बलात्कार हुआ था। पिता ने तत्कालीन एसएचओ ज्ञान सिंह को शिकायत की और तीन लड़कों पर शक जताया।

लेकिन एसएचओ ने तत्कालीन एसपी एके ढुल से मिलीभगत कर शिकायतकर्ता को आरोपियों के घर में बंधक बना दिया और बाद में उसी के खिलाफ बेटी के बलात्कार और हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया।

गांव वालों और अन्य लोगों ने इसके विरोध में प्रदर्शन भी किया। बाद में सुदेश कुमारी नामक एक समाज सेविका ने कुछ तथ्यों के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर की कि जिन पर बलात्कार का शक जताया गया था, वह ऊंची राजनीतिक पहुंच वाले व्यक्ति हैं और उनके तत्कालीन स्पीकर से संबंध हैं।
विज्ञापन

सीबीआई जांच में खुला रहस्य

इस मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि लड़की के कपड़ों पर मिले सीमन का मिलान बाप के डीएनए सैंपल से मैच नहीं हुआ।

पुलिस ने मौके पर फिंगर प्रिंट्स नहीं लिए, जिस कारण आरोपी बच निकले। सरकारी गवाह जिले सिंह ने पहले तो अदालत में कहा था कि बाप ने अपनी बेटी का बलात्कार व कत्ल किया, लेकिन बाद में वह भी बयान से मुकर गया।

इसके अलावा तत्कालीन डीएसपी ओम प्रकाश ने मामले की दोबारा जांच की मांग की, लेकिन उसका तबादला कर दिया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें