मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर 89 वर्षीय मनजीत कौर बिंद्रा से 77 लाख 42 हजार 420 रुपये ठगने का मामला सामने आया है। शातिर ने बुजुर्ग महिला को गिरफ्तारी का डर दिखाकर रकम खाते में ट्रांसफर करवा ली। चंडीगढ़ साइबर सेल सेक्टर-17 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-34डी निवासी मनजीत कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 जुलाई 2025 को उन्हें एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का एसएचओ विजय और केस का जांच अधिकारी विशाल बताया। उन्होंने मनजीत कौर को बताया कि वे एक मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रहे हैं जिसमें कई सिम कार्ड बरामद हुए हैं। उनका दावा था कि ये सिम कार्ड मनजीत कौर के आधार कार्ड पर जारी किए गए हैं और इसी आधार कार्ड का उपयोग कर मुंबई में एक बैंक खाता भी खोला गया है। मनजीत कौर ने ठगों को बताया कि वह कभी मुंबई गई ही नहीं हैं तो उनके नाम से खाता कैसे खुल सकता है।
पुलिस की वर्दी में की वीडियो कॉल
इसके बाद साइबर ठगों ने मनजीत कौर को वीडियो कॉल की। वीडियो कॉल में दो व्यक्ति पुलिस की वर्दी में थे और उनके आसपास का माहौल पुलिस स्टेशन जैसा लग रहा था। ठगों ने मनजीत कौर को बताया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है और उनके नाम का गिरफ्तारी वारंट भी निकल चुका है। उन्होंने धमकाया कि उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम निकल चुकी है और उन्हें घर से कहीं भी जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्योंकि उन पर नजर रखी जा रही है।
आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर किए रुपये
यह सुनकर मनजीत कौर डर गईं और उन्होंने ठगों से उन्हें गिरफ्तार न करने की गुहार लगाई। इसके बाद ठगों ने कहा कि अगर केस को रफा-दफा करना है तो पैसे देने पड़ेंगे। डरकर मनजीत कौर ने आरटीजीएस के जरिए ठगों की ओर से बताए गए खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। कई दिनों तक मनजीत कौर ने इस बात को किसी को नहीं बताया। काफी समय बाद उन्होंने अपने परिवार को इस घटना के बारे में जानकारी दी। जब परिवार के सदस्यों ने उस व्हाट्सएप नंबर पर दोबारा कॉल की जिससे ठगों ने संपर्क किया था तो वह नंबर बंद आ रहा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।