पांच साल पहले सीटीयू कंडक्टर भर्ती परीक्षा में पैसे लेकर दूसरे की जगह पेपर देते पकड़े गए मामले में सोमवार को सीजेएम कोर्ट ने दो युवकों को 6-6 महीने की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने 25-25 सौ रुपये हर दोषी पर जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वालों में गजेंद्र वैरागी और अमित कुमार हैं। दोनों हिसार के हैं। अक्तूबर 2010 में दायर मामले का सीबीआई ने खुलासा किया था। मामले में सीबीआई ने कुल पांच चार्जशीट दायर की थी। इनमें से एक चार्जशीट में फैसला आया है।
सीटीयू में कंडक्टर भर्ती के लिए 3 अक्तूबर 2010 को लिखित परीक्षा हुई थी। सीबीआई ने सेक्टर-23 स्थित मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रेड की थी। यहां से सीबीआई ने हिसार निवासी अमित कुमार को गिरफ्तार किया था। वह गजेंद्र वैरागी की जगह पेपर दे रहा था।
इसके बाद सीबीआई की एक टीम अमित को लेकर हिसार पहुंची और वहां अमित की निशानदेही पर गजेंद्र को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने सीटीयू कंडक्टर भर्ती परीक्षा के बाद नौ लोगों को गिरफ्तार किया था।
इनकी गिरफ्तारी के लिए जांच एजेंसी ने हरियाणा, यूपी और बिहार में भी छापामारी की थी। सीबीआई के अनुसार यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है। जिसके तार अन्य भर्तियों या परीक्षाओं से भी जुड़े हैं।