पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जज (रिटायर) निर्मल यादव से जुड़े ‘जज नोटकांड’ केस की सुनवाई के दौरान सोमवार को सीबीआई के 3 गवाह बयानों से पलट गए।
वहीं सीबीआई की विशेष अदालत ने केस में जांच एजेंसी की अहम गवाह जयपुर हाईकोर्ट की जज जस्टिस निर्मलजीत कौर की गवाही दर्ज करने के लिए उन्हें रिक्वेस्ट लेटर भेजने के आदेश दिए हैं। वहीं बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने जस्टिस निर्मलजीत कौर के राजस्थान हाईकोर्ट की जज होने के नाते उनकी गवाही दर्ज करने के लिए वहीं लोकल कमिश्नर अप्वाइंट करने की वकालत की है। केस की अगली सुनवाई 29 फरवरी को होगी।
बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग नरवाना के अनुसार सोमवार को आरोपी रविंदर सिंह भसीन के दोस्त टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़े आरके शर्मा, नौकर रविंद्र सिंह और कर्मी प्रदीप कुमार के बयान हुए। इसमें आरके शर्मा ने कहा कि उसे रविंद्र भसीन ने कोई रकम जस्टिस यादव को देने के लिए नहीं भेजा था।
वहीं उनके नौकर रविंद्र सिंह ने भी ऐसी कोई रकम जस्टिस यादव को पहुंचाने से इंकार किया। इनके अलावा उनके कर्मी प्रदीप ने खाते में हैंडराइटिंग पहचानने से इंकार कर दिया।
मामले के अनुसार अगस्त 2008 में जस्टिस निर्मलजीत कौर की सेक्टर-11 स्थित कोठी में गलती से रिश्वत के 15 लाख रुपये पहुंचे थे। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ था।
सीबीआई केस के मुताबिक आरोपी रिटायर जज निर्मल यादव को रुपये देने के लिए रविंद्र भसीन ने आरके शर्मा को कहा था। शर्मा ने नौकर रविंद्र सिंह को रकम पहुंचाने को कहा। यह रकम उसी ने जस्टिस यादव को पहुंचाई थी। प्रदीप आरके शर्मा का खाता मेंटेन करता था।