मुकेश नीमच से करीब एक लाख रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदता था। कुरुक्षेत्र लाने के बाद वे उसे 1.55 लाख प्रति किलो के हिसाब से बेच देते थे। वे होलसेल के हिसाब से सामान बेचते थे, उनके पक्के ग्राहक हैं।
कुरुक्षेत्र के बाद अंबाला व चंडीगढ़ देनी थी सप्लाई
अफीम की सप्लाई केवल कुरुक्षेत्र ही नहीं, बल्कि अंबाला व चंडीगढ़ में भी करनी थी। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में वह अफीम देने के बाद वापस लौट जाते थे। इसी तरह वह लंबे समय से कई बार नशे की सप्लाई कर चुके थे। एसटीएफ की टीम ने पकड़े गए जवान के हेडक्वार्टर में सूचित कर दिया है।
सीआरपीएफ का असम में तैनात जवान उम्मेदा व नीमच का मुकेश लंबे समय से अफीम की तस्करी कर रहे थे। मुकेश जानता था कि सैन्यकर्मी की कोई तलाशी नहीं लेगा, इसलिए उसने योजनाबद्ध तरीके से उसे अपने साथ मिलाया।
सैन्यकर्मी को अच्छी सैलरी मिल रही थी लेकिन वह भी लालच में पड़ गया। जब कई बार नशा लाते नहीं पकड़ा गया तो उसके हौसले और बढ़ गए। लगा कि शायद कभी पकड़ा नहीं जाएगा लेकिन एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। रिमांड में और कई खुलासे होने की उम्मीद है। -कुलभूषण, डीएसपी, एसटीएफ, अंबाला यूनिट।