सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल निहालखेड़ा के नौवीं कक्षा के एक विद्यार्थी को अध्यापक ने 110 दंड बैठक लगवाए। इससे उसकी हालत बिगड़ गई।
छात्र को लुधियाना के डीएमसी में भर्ती कराया गया है। वहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी स. सुखबीर सिंह बल का कहना है कि पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। अगर अध्यापक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार स्कूल के नौंवी कक्षा के छात्र रवि कुमार से उसके अध्यापक ने शरारत करने के बदले 110 दंड बैठकें लगवाई। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसे तेज बुखार के साथ ही पूरा शरीर अकड़ सा गया। उसके बाद परिजनों ने उसे अबोहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया।
जहां से उसे श्रीगंगानगर रेफर किया गया और वहां से उसे डीएमसी लुधियाना भेजा गया। वहां भी बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है। दंड बैठक लगवाने वाले अध्यापक रोहित कुमार का कहना था कि बच्चा शरारत कर रहा था इसलिए दंड दिया गया। दंड देने से बच्चे की हालत नाजुक नहीं हुई है। वह बच्चा पहले से ही अस्वस्थ था।
जिला शिक्षा अधिकारी स. सुखबीर सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह मामला पहले ही उन्हें पता चल गया था और उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
अगर बच्चे की ऐसी गंभीर स्थिति के लिए अध्यापक रोहित कुमार सीधे तौर पर दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो दिन में मामले की रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए हैं।
अब तक उनके पास परिजनों या फिर पंचायत की ओर से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर वे विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करके यदि लुधियाना भी जाना पड़ा तो वहां भी बच्चे का हालचाल जानने जाएंगे।