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रेलवे गेटमैन की हत्या, अगर ट्रेन निकल जाती तो...

Thu, 08 Jan 2015 05:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रेलवे गेटमेन की सिर पर रॉड मारकर हत्या कर दी गई। हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि आपकी रूह भी कांप उठेगी। वारदात सोनीपत रोड स्थित रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन कृष्ण कुमार के साथ हुई। वारदात मंगलवार देर रात अंजाम दी गई। हत्या का तब पता चला, जब फाटक बंद न होने पर ड्राइवर ने ट्रेन रोककर जांच करनी चाही।
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ड्राइवर पूछताछ करने के लिए उतर कर कमरे में गया तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। ड्राइवर ने तुरंत पुलिस को सूचना और हेड ऑफिस में सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी घटनास्थल पर एकत्र हो गए। गुस्साए कर्मियों ने रेलवे फाटक बंद कर जाम लगा दिया। पौने दो घंटे फाटक बंद रखा गया।

पुलिस की ठोस कार्रवाई के आश्वासन पर कर्मी ट्रैक से हटे। जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी तक हत्या के कारणों को कोई खुलासा नहीं हो सका है। परिजनों ने भी कोई शक नहीं जताया है।
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फाटक बंद नहीं होने पर रोकी रेल तो हुआ खुलासा

गेटमैन कृष्ण कुमार मंगलवार रात को नाइट ड्यूटी पर आया था। उसकी ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक थी। बुधवार अल सुबह 3 बजकर 7 मिनट पर चंडीगढ़-जयपुर गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन रोहतक से चंडीगढ़ के लिए निकली तो स्टेशन मास्टर ने फाटक बंद करने के लिए गेट नंबर 4 पर फोन किया। दूसरी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

इस पर स्टेशन मास्टर ने बजरंग भवन फाटक पर मौजूद गेटमैन को फोन कर हालात की जानकारी लेने को कहा। यहां से ट्रैक मैन सुनील को गेट पर भेजा। उसने जानकारी दी कि कृष्ण लहूलुहान हालत में पड़ा है। इसी बीच गरीबरथ एक्सप्रेस भी फाटक तक पहुंच गई। चालक व गार्ड को फाटक बंद नहीं मिला। इस पर ट्रेन चालक ने होर्न दिया, लेकिन कोई सिग्नल नहीं मिला।

चालक व गार्ड ने गाड़ी रोककर नीचे उतरकर देखा तो कृष्ण लहूलुहान हालत में पड़ा था। वॉकी टॉकी पर स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद गार्ड ने खुद ही रेलवे फाटक बंद किया और गाड़ी को आगे ले गए। स्टेशन मास्टर ने मामले की जानकारी 3 बजकर 45 मिनट पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे चिकित्सा अधिकारियों को दी।

टीम के मौके पर पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी। स्टेशन मास्टर ने दोबारा साढ़े 4 बजे जीआरपी को मीमो दी कि गेटमैन की मौत हो चुकी है। सुबह साढ़े 5 बजे जीआरपी थाना प्रभारी सुखबीर टीम सहित मौके पर पहुंचे और जांच की।

पिता की मौत के बाद मिली थी गेट मैन की नौकरी

रेल विभाग में गेट मैन के पद पर कार्यरत कृष्ण (30)  सोनीपत के गांव ठस्का का रहने वाला था। कृष्‍ण की हत्या होने की जैसे ही उसके परिजनों को खबर मिली उनके होश उड़ गए। गांव ठसका निवासी स्व. जयभगवान पहले रेल विभाग में कार्यरत था। काफी अर्से पहले उसकी मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद बेटा कृष्ण उनकी जगह नौकरी पर लग गया।

कृष्ण इस समय रोहतक में गेट मैन के पद पर कार्यरत था। कृष्ण की पत्नी सुनील व उसका बेटा सूरज (8) अपने परिवार के साथ गांव ठसका में रहते हैं। कृष्ण मंगलवार की रात रोहतक में सोनीपत रोड स्थित फाटक पर ड्यूटी पर तैनात था। रात के समय उसके सिर पर लोहे की राड से हमला करके हत्या कर दी गई।

बुधवार की सुबह जैसे ही कृष्ण की मौत खबर मिली गांव ठसका में उनके परिजन दंग रह गए। कृष्ण की पत्नी सुनील तो अपने होश खो बैठी। कृष्ण की हत्या की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। गांव के लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।

किसी और की ड्यूटी दे रहा था कृष्ण

मंगलवार की रात सोनीपत रोड पर रेलवे फाटक नंबर 4 पर ड्यूटी किसी और की थी। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गेट नंबर 4 पर कृष्ण सरदारा निवासी खरावड़ की ड्यूटी थी। लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं आया तो उसके स्थान पर कृष्ण निवासी ठस्का की ड्यूटी लगा दी गई।

ऐसे में सभी की जबान पर यही बात थी कि यदि कृष्ण ड्यूटी पर नहीं आता तो शायद उसकी मौत टल जाती। लेकिन कुछ लोगों की जबान पर ये बात भी थी कि मौत तो कृष्ण नाम के व्यक्ति की निश्चित थी चाहे वह खरावड़ का होता या फिर ठस्का का।  

गुस्साए कर्मियों ने नहीं उठाने दिया शव
गुस्साए रेल कर्मियों ने कृष्ण का शव उठाने नहीं दिया। मांग की कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक वे शव को नहीं उठाने देंगे। प्रदर्शन में रोहतक, गोहाना, सोनीपत, भिवानी से भी रेलवे कर्मचारी पहुंचे।

मृतक का चचेरा भाई व अन्य परिजन भी आए। बताया जा रहा है कि कृष्ण के पिता भी रेलवे में ही थे। लेकिन उनकी मौत हो गई थी। वह अपने पिता के स्थान पर ही 11 साल पहले नौकरी पर लगा था। वह अपने पीछे पत्नी, 8 साल के बेटे, भाई और मां को छोड़ गया है। पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद ही कर्मियों ने सुबह पौने 11 बजे शव उठाने दिया।

गुस्साए कर्मचारियों ने कर दिया फाटक बंद
गेट मैन की हत्या की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई। एकाएक रेलवे कर्मी मौके पर जुट गए। गुस्साए कर्मियों ने सुबह 9 बजे फाटक बंद कर दिया और रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। आरोप लगाया कि आए दिन रेलवे फाटकों पर उनके साथ दुर्व्यवहार होता है, हमले भी हुए, अब तो हत्या कर दी। अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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बजरंग भवन फाटक पर भी कई बार हुआ हमला

गुस्साए रेलवे कर्मियों ने मांग की कि हाल ही में बजरंग भवन फाटक पर भी गेट मैन पर दो-तीन बार हमले हुए हैं। रेल कर्मियों के आक्रोश के चलते वहां काफी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। मौके पर डीएसपी ओम प्रकाश, डीएसपी अमित भाटिया, डीएसपी यशपाल खटाना पहुंचे और आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा पुख्ता की जाएगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जीआरपी को सहयोग दिया जाएगा।

रेलवे कर्मचारियों ने की एसपी से मुलाकात
कर्मचारियों ने एसपी शशांक आनंद से मुलाकात कर सुरक्षा की मांग की। एसपी ने सभी कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि रात के समय पुलिस की गाड़ी रेलवे केबिन पर सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देगी और किसी वक्त भी कर्मचारी पुलिस की मदद ले सकते हैं। साथ ही एसपी ने कहा कि हत्या की गुत्थी सुलझाने के जांच टीम की मदद की जाएगी।

मामला दर्ज, जांच शुरू
जीआरपी थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि कृष्ण की हत्या सिर पर लोहे की राड से हमला कर की गई है। पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। उसके सिर पर हमलावर ने एक ही स्थान पर दो बार जबरदस्त हमला किया है। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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