दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई किशोरी के मामले में कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली साथ ही, आरोपियों का DNA टेस्ट कराने के आदेश दिए।
हरियाणा के फतेहाबाद में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश शालिनी नागपाल की अदालत ने निर्देश दिए कि आरोपियों का डीएनए टेस्ट इसलिए जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस आरोपी के कारण किशोरी गर्भवती हुई? उधर सीएमओ ने इस बात की पुष्टि की है कि किशोरी का गर्भपात कर दिया गया है।
3 युवकों ने किया था सामूहिक दुष्कर्म
जानकारी के अनुसार करीब दो माह पहले भट्टूकलां खंड के एक गांव में 3 युवकों ने एक किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म कर दिया था।
पुलिस ने किशोरी के पिता की शिकायत पर तीनों आरोपियों सतबीर निवासी ढींगसरा, रोहऔर पीली मंदोरी निवासी नाबालिग के विरुद्ध रेप का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। तीनों फिलहाल जेल में है।
दुष्कर्म के दो माह बाद किशोरी के परिजनों को पता चला कि उनकी बेटी गर्भवती हो गई है तो किशोरी के पिता ने सीजेएम विवेक नासिर की अदालत में याचिका दायर कर गर्भपात की इजाजत मांगी।
इस याचिका पर अदालत ने सीएमओ एसबी कंबोज से किशोरी की फिटनेस रिपोर्ट मांगी। सिविल सर्जन ने अदालत को बताया कि अगर चार सप्ताह के अंदर किशोरी का गर्भपात कर दिया जाता है तो कोई खतरा नहीं है।
आरोपियों का डीएनए कराने के आदेश
एडीजे शालिनी नागपाल ने पीड़ित पक्ष की याचिका स्वीकार करते हुए आरोपी रोहताश व सतबीर का ब्लड सैंपल लेने के आदेश दिए। दोनों आरोपी पेशी पर आए तो डॉक्टरों ने उनके ब्लड सैंपल ले लिए। तीसरा आरोपी चूंकि नाबालिग था, इसलिए उसके पिता की सहमति जरूरी थी।
पीड़िता के पिता ने जुवेनाइल कोर्ट में नाबालिग आरोपी के ब्लड सैंपल लेने की याचिका दायर की। कोर्ट ने नाबालिग आरोपी के पिता से पूछा तो उसने सैंपल देने की हामी भर दी। तीनों आरोपियों के डीएनए का का भ्रूण के साथ मिलान किया जायेगा।
जिस आरोपी का भ्रूण से डीएनए मिलेगा वह मुख्य आरोपी ठहराया जायेगा। सिविल सर्जन से एसबी कंबोज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि किशोरी का गर्भपात करवा दिया गया है व उसके भ्रूण के अंश लैब में भेज दिए गए हैं।