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6 साल की मासूम को रेप के बाद मार डाला था मामा ने, अब अदालत ने सुनाई फांसी की सजा

Thu, 26 Jul 2018 09:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मानसा/फतेहाबाद
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब के मानसा जिले के एडिशनल सेशन जज की अदालत ने छह साल की भांजी से दुराचार और हत्या के दोषी मामा को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी पहले से ही जेल में बंद है। केंद्र सरकार की ओर से 13 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप करने वाले को फांसी की सजा सुनाए जाने का आर्डिनेंस जारी करने के बाद पंजाब में फांसी की सजा सुनाने का यह मामला है। 
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जिले के कस्बा बोहा के गांव आलमपुर मंदरा में हरियाणा के जिले फतेहाबाद के गांव रूपांवाली का काला सिंह (35) उर्फ कलाराम अपनी भांजी के विवाह में आया था। 12 मई 2016 को जब लड़की की बारात वापस गई तो दोषी काला सिंह छोटी भांजी को लालच देकर अपने साथ ले गया। जब लड़की काफी देर वापस ना आई तो काला सिंह पर परिवार को शक हुआ। ढूंढने पर बच्ची का शव गांव लखीवाला के ड्रेन के पुल से बरामद हुआ।

बच्ची के पिता की शिकायत पर पुलिस ने काला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि ड्रेन पुल के नीचे ले जाकर उसने बच्ची से दुराचार किया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया। बुधवार को मानसा के एडिशनल सेशन जज जसपाल वर्मा की अदालत ने काला सिंह व्यक्ति को दोषी मानते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई।
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कर दिया था बेदखल, नहीं की पैरवी

आरोपी मामा का घर
पीड़ित पक्ष के वकील जसवंत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि दोषी पहले से ही जेल में बंद है। 13 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ रेप कर उसका कत्ल कर देने के मामले में अदालत की ओर से सुनाई गई फांसी की सजा का पहला मामला है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल 2018 को कैबिनेट में केंद्र सरकार ने उक्त आर्डिनेंस लाया था जिसे 2 अप्रैल को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी थी। 27 जून 2018 को इसको पंजाब सरकार ने भी मान लिया था।

अपनी भांजी से रेप और उसकी हत्या करने वाला काला सिंह सिंह खुद तीन बेटियों का पिता है। दो साल पहले हुई वारदात के बाद परिवार ने उसे बेदखल कर दिया था। इसके बाद से परिवार के किसी सदस्य ने कभी काला सिंह से न तो मिलने का प्रयास किया और न ही कोर्ट कचहरी में उसकी पैरवी की।
आधा-अधूरा मकान, खुद करता था मजदूरी

काला सिंह का गांव में एक कमरे का आधा-अधूरा मकान है। इस मकान में उसका परिवार रहता है। गांव में रहते हुए काला सिंह भी मजदूरी करता था। उसके परिवार ने दो साल में इस संदर्भ में मीडिया की किसी बात का जवाब नहीं दिया।
 
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