उधर, सूत्रों मानें तो बजरंगी के बागपत जेल में पहुंचने के बाद वहां के एक अधिकारी ने अपने मातहतों से कहा था कि अगर रात में कोई घटना हो तो पहले मुझे सूचना देना। यही हुआ भी पुलिस को सूचना घटना के आधे घंटे बाद दी गई थी। इस संबंध में एडीजी जेल चंद्र प्रकाश का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी जेल कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें डेढ़ से दो महीने लग सकते हैं।
सूत्रों का दावा है कि मुन्ना बजरंगी के झांसी जेल से बागपत के लिए निकलते ही विरोधी खेमे में जश्न शुरू हो गया था। बताया जाता है कि हत्या के बाद बजरंगी की प्रॉपर्टी पर रातोरात कब्जा हो गया। हालांकि इस बारे में कोई पुलिस अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।