बेटे को स्नैचिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर परिजनों से रिश्वत लेते एसएचओ जसबीर सिंह और हवलदार राजकुमार को विजिलेंस टीम ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अऩुसार, सोमवार को पीसीआर पार्टी ने पीछा करके एक स्नैचर काली को काबू किया था। आरोपी काली पर चंडीगढ़ के कई थानों में स्नैचिंग के मामले दर्ज हैं।
उसी आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने बड़ माजरा के युवक गौरव को राउंड अप किया। गौरव के पिता देवराज राजमिस्त्री का काम करते हैं। वह थाने पहुंचे और कहा कि मेरे बेटे को बेवजह फंसाया गया है। वह तो पूरी रात उनके साथ ही था। इसके बाद पुलिस वालों ने गौरव को छोड़ने के बदले 70 हजार रुपयों की मांग की। दोनों पक्षों में समझौता 30 हजार रुपये में हो गया।
देवराज ने पैसों का इंतजाम करने के लिए समय मांगा तो हवलदार ने कहा कि पैसे लेकर रात को आ जाना। इसी बीच देवराज अपने रिश्तेदार के पास गया। रिश्तेदार ने समझाया कि जब बेटा बेकसूर है तो पैसे क्यों दें। उन्होंने इसकी शिकायत विजिलेंस से कर दी। विजिलेंस ने ट्रैप लगा लिया। रात 10 बजे के बाद जब देवराज पैसे लेकर थाने पहुंचा तो विजिलेंस टीम ने हवलदार राजकुमार को 30 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
सख्ती से पूछताछ के बाद हवलदार ने एसएचओ का नाम भी ले दिया। इसके बाद एसएचओ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात तक विजिलेंस जांच में जुट रही।
स्नैचिंग के झूठे केस में फंसाने की दी थी धमकी
पुलिस ने परिजनों को धमकी दी थी कि गौरव को स्नैचिंग के झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। यदि बेटे को बचाना चाहते हो तो रुपयों का इंतजाम करके लाओ। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने एक अन्य लड़के को भी उठाया हुआ है।