धर्मनगरी में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला सामने आया है। हत्या की साजिश रचने वाला कोई और नहीं, बल्कि सगा भाई और उसका साला निकला। ये साजिश फैक्टरी, गोदाम और छह एकड़ भूमि हासिल करने के लिए एक व्यक्ति ने साले के साथ मिलकर रची थी।
हत्या से पहले हथियार खरीदने के लिए 25 हजार पेशगी के लिए भी दिए गए थे। 25 हजार रुपये की राशि से उत्तर प्रदेश से हथियार और बुलेट खरीदे गए थे। ये खुलासा लूट और डकैती की योजना बनाते गिरफ्तार हुए तीन आरोपियों ने किया है। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की योजना के अलावा चोरी और रिषीपाल पुत्र गुरचरण सिंह वासी पिपली की हत्या के लिए 50 लाख की फिरोती तय की थी।
फिरोती की रकम रिषीपाल की हत्या के बाद में ली जानी थी। पुलिस ने भाई की हत्या के लिए रकम देने वाले आरोपी भूपेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि तीन युवक जसविंद्र सिंह वासी रतगल, सुच्चा सिंह उर्फ पम वासी सेक्टर-7 कुरुक्षेत्र और अनुज वासी पिपली के बारे में सूचना मिली थी कि ये तीनों उमरी रोड पर एक निर्माणाधीन भवन के पीछे एक कमरे में लूट की योजना बना रहे है।
योजनाबद्ध तरीके से लूट करनी थी
मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध शाखा प्रथम कुरुक्षेत्र के प्रभारी उप निरीक्षक दीपेंद्र सिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक सीता राम, सुभाष चंद्र, सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार, महिंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह व सिपाही विजय कुमार की पुलिस टीम ने दबिश देकर उक्त तीनों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी कटटे व 4 जिंदा कारतूस बरामद किए। पूछताछ पर आरोपियों ने माना कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से लूट करनी थी। इन्होंने बाइक चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया है।
गहन पूछताछ पर आरोपियों ने माना कि लाडवा रोड पिपली वासी ऋषिपाल की हत्या के लिए उन्होंने 50 लाख की सुपारी तय की थी। यह राशि हत्या के बाद ली जानी थी। पूछताछ के बाद हत्या के लिए सुपारी देने वाले आरोपी भूपेंद्र सिंह पुत्र गुरचरण सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
जमीन और संपत्ति के लिए दिया कांटेक्ट
भूपेंद्र के बारे में बताया गया है कि वह इस समय पिपली में रह रहा है, लेकिन मूलरूप से कांसल (पंजाब) का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उसके पिता के पास 8 एकड़ जमीन, एक फैक्टरी व गोदाम है लेकिन करीब 15 वर्ष पहले भूपेंद्र ने अनुज पुत्र कली राम निवासी पिपली की बहन से लव मैरिज की थी, जिसकी वजह से उसके पिता गुरचरण ने जायदाद में से केवल दो एकड़ जमीन दी थी और बाकी सारी जायदाद पिता और उसके भाई रिषी पाल के पास थी।
पूछताछ के दौरान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इसी वजह से उसने और उसकी पत्नी के भाई अनुज ने ऋषिपाल की हत्या कराने की योजना बनाई थी, ताकि सारी जायदाद का वह मालिक बन सके।
भूपेंद्र ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले अनुज ने जसविंद्र और सुच्चा सिंह को 25 हजार रुपये बतौर पेशगी असला खरीदने के लिए दिये थे। जो 25 हजार रुपये से दोनों आरोपी यूपी से दो देसी कटटे और चार जिंदा रौंद लेकर आये थे।