मोरनी में अफीम की खेती।
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गेहूं के आड़ कर रहा था नशे की खेती
आरोपी कमल गेहूं के फसल की आड़ में अफीम की खेती कर रहा था। जहां अफीम की खेती की गई है उसके चारों तरफ गेहूं की फसल लगाई गई थी ताकि किसी को शक न हो लेकिन अफीम के पौधों की ऊंचाई बढ़ने के बाद मामला मोरनी से पंचकूला पहुंच गया। यहां से सीएम उड़न दस्ता को सूचना दी गई। सूत्रों के अनुसार व्यापार के लिए अफीम की खेती की जा रही थी। पंचकूला जिले में इस तरह का यह पहला मामला है। यह इलाका हिमाचल सीमा के नजदीक है।
दूसरे राज्यों से मार्च और अप्रैल में बंद हो जाती है सप्लाई
जानकारों के मुताबिक मार्च-अप्रैल माह के दौरान मध्य प्रदेश व राजस्थान से अफीम, चूरा पोस्त व डोडा की सप्लाई बंद हो जाती है। ऐसे में अफीम की सप्लाई करने के इरादे से इलाके में इसकी खेती की गई थी। सीएम उड़न दस्ते को कुछ दिन पहले ही मोरनी की जंगलों में अफीम की खेती की सूचना मिली थी।
सीएम उड़न दस्ता की टीम ने छापेमारी की थी। इसके बाद हमें सूचना दी गई। फिलहाल आरोपी के खिलाफ सीएम उड़न दस्ता की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है। - ललित शर्मा, एसएसओ, चंडीमंदिर थाना पंचकूला।