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Panchkula News: मोरनी में पकड़ी अफीम की खेती, हरियाणा रोडवेज चालक ने लगा रखे थे 1200 पौधे

Tue, 07 Mar 2023 01:15 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मोरनी (हरियाणा)

सार

मार्च के अंमित सप्ताह में इनसे अफीम निकालने की तैयारी थी। इससे पहले ही सीएम उड़न दस्ता को इसकी सूचना मिल गई। बताया जा रहा है कि आरोपी मोरनी के गांव थाना बडयाल का ही रहने वाला है। छापेमारी के बाद मौके पर ड्रग कंट्रोलर व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। प्राथमिक जांच के बाद केस को चंडीमंदिर थाने के सौंप दिया गया है।
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मोरनी में अफीम की खेती। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा रोडवेज का एक चालक मोरनी से 15 किमी दूर गांव थाना बडयाल में चोरी-छिपे अफीम की खेती कर रहा था। सीएम उड़न दस्ते ने गुप्त सूचना पर सोमवार दोपहर को आरोपी के खेत में छापा मारा तो इसका खुलासा हुआ। मौके पर अफीम के 1200 पौधे मिले। फिलहाल आरोपी कमल फरार है। शिकायत पर चंडीमंदिर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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सीएम उड़न दस्ते को सीआईडी ने मोरनी के पास अवैध रूप से अफीम की खेती की सूचना दी थी। जांच के बाद सोमवार दोपहर सीएम उड़न दस्ता के प्रभारी जय कुमार ने एसआई गुरमीत सिंह और मोरनी पुलिस चौकी प्रभारी कमलजीत सिंह के साथ गांव थाना बडयाल में कार्रवाई की। जांच में पता चला कि आरोपी कमल ने नवंबर 2022 में अफीम के पौधे लगाए थे, अब फसल तैयार है। पौधों में डोडे आ चुके हैं। 

मार्च के अंमित सप्ताह में इनसे अफीम निकालने की तैयारी थी। इससे पहले ही सीएम उड़न दस्ता को इसकी सूचना मिल गई। बताया जा रहा है कि आरोपी मोरनी के गांव थाना बडयाल का ही रहने वाला है। छापेमारी के बाद मौके पर ड्रग कंट्रोलर व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। प्राथमिक जांच के बाद केस को चंडीमंदिर थाने के सौंप दिया गया है।

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मोरनी में अफीम की खेती। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गेहूं के आड़ कर रहा था नशे की खेती
आरोपी कमल गेहूं के फसल की आड़ में अफीम की खेती कर रहा था। जहां अफीम की खेती की गई है उसके चारों तरफ गेहूं की फसल लगाई गई थी ताकि किसी को शक न हो लेकिन अफीम के पौधों की ऊंचाई बढ़ने के बाद मामला मोरनी से पंचकूला पहुंच गया। यहां से सीएम उड़न दस्ता को सूचना दी गई। सूत्रों के अनुसार व्यापार के लिए अफीम की खेती की जा रही थी। पंचकूला जिले में इस तरह का यह पहला मामला है। यह इलाका हिमाचल सीमा के नजदीक है।

दूसरे राज्यों से मार्च और अप्रैल में बंद हो जाती है सप्लाई
जानकारों के मुताबिक मार्च-अप्रैल माह के दौरान मध्य प्रदेश व राजस्थान से अफीम, चूरा पोस्त व डोडा की सप्लाई बंद हो जाती है। ऐसे में अफीम की सप्लाई करने के इरादे से इलाके में इसकी खेती की गई थी। सीएम उड़न दस्ते को कुछ दिन पहले ही मोरनी की जंगलों में अफीम की खेती की सूचना मिली थी।
 
सीएम उड़न दस्ता की टीम ने छापेमारी की थी। इसके बाद हमें सूचना दी गई। फिलहाल आरोपी के खिलाफ सीएम उड़न दस्ता की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है। - ललित शर्मा, एसएसओ, चंडीमंदिर थाना पंचकूला। 
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