आरोपी ने उसकी पूरी बात सुनकर भरोसा दिलाया और फिर कुछ दिन के बाद उसे अपने दिल्ली निवासी साथी हकीम दुशांत, कमल किशोर और अजीत प्रताप से मिलवाया। आरोपियों ने उससे कहा कि वह पहाड़ियों से जड़ी बूटियां लाकर दवा बनाते है और गारंटी के साथ दवाई बेचते है।
बीमारी ठीक न होने पर वह ग्राहक को पैसे भी वापस कर देते है। इसके बाद आरोपियों ने उसे दवा देकर पांच लाख रुपये ले लिए। दवा खाने पर ठीक होने के बजाय वह और बीमार हो गया।
जब शिकायतकर्ता ने आरोपियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि तुम्हें दवा फिट नहीं बैठी है। दूसरी दवा के लिए तुम्हें 9 लाख रुपये और देने होंगे। इसके बाद आरोपी कहने लगे कि अगर तुमने दवा न ली तो जान से मरवा देगें।
इस पर शिकायतकर्ता ने घटना की जानकारी मोगा निवासी अपने एक दोस्त को दी। उसने पीड़ित को हिम्मत दी और फिर पुलिस में इसकी शिकायत कर दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद चारों आरोपी हकीमों के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।