मेडिकल मोड़ के पास पांच अप्रैल को नेशनल कराटे खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ करने वाले ट्रैफिक पुलिस के सिपाही यासीन को आरोपी बनाते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। प्रीति बिहार कॉलोनी निवासी महिला खिलाड़ी पांच अप्रैल को शीला बाईपास स्थित अकादमी से प्रैक्टिस के बाद ऑटो से घर आ रही थी। आरोप था कि मेडिकल मोड़ के पास ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही ऑटो में सवार हुआ।
डी पार्क के पास ऑटो को खड़ाकर चालक के किसी दुकान में जाने के दौरान सिपाही ने खिलाड़ी से छेड़छाड़ की। उसने मोबाइल नंबर मांगा और दोस्ती करने को कहा। गुस्साई खिलाड़ी सिपाही को डेढ़ किलोमीटर तक पीटते हुए महिला थाने ले गई और मामले की शिकायत की। महिला थानाध्यक्ष ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस पर एसपी ने आरोपी सिपाही जींद के बेबीपुर निवासी यासीन को सस्पेंड कर दिया।
साथ ही छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज कराया। इसके अलावा कार्रवाई न करने पर महिला थानाध्यक्ष सुनीता को भी लाइन हाजिर कर दिया। मामले की जांच महिला एसएचओ गरिमा कर रही थीं। एसएचओ ने बताया कि जांच में सामने आया कि सिपाही ने छेड़छाड़ की थी। एसएचओ ने सिपाही को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
अमर उजाला की खबर पर लिया था संज्ञान
नेशनल कराटे खिलाड़ी के साथ सिपाही द्वारा छेड़छाड़ के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए एसपी ने न सिर्फ सिपाही को सस्पेंड किया, बल्कि महिला एसएचओ को भी लाइन हाजिर कर दिया था।
छेड़छाड़ का हर किसी को करना चाहिए विरोध
कराटे महिला खिलाड़ी का कहना है कि लड़कियों और महिलाओं को छेड़खानी और अन्य तरह की प्रताड़ना का डटकर विरोध करना चाहिए, ताकि ऐसी करतूत करने वालों को सबक मिल सके। युवतियों और महिलाओं को मनचलों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। इसके लिए सामाजिक संगठनों को भी आगे आना चाहिए।