पंचकूला स्थित वरमानी क्लीनिक मालिक व पूर्व जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ललित वरमानी पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को दुराचार, साजिश रचने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप तय कर दिए।
डॉ. वरमारी पर आरोप है कि उसने मरीज महिला को नौकरी दिलाने के नाम पर दुराचार की वारदात को अंजाम दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी और अगली सुनवाई पर ट्रायल शुरू होगा।
3 जुलाई को थाना 17 पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत डा. ललित वरमानी के खिलाफ करीब डेढ़ सौ पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसमें आरोपी व पीड़िता की होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी शामिल थी।
सेक्टर-11 निवासी तलाकशुदा महिला ने 6 मई 2014 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह थाईराइड का इलाज पंचकूला के डॉक्टर ललित वरमानी से करवाती थी। पंचकूला से मकान दो महीने पहले ही चंडीगढ़ में शिफ्ट किया था।
इस दौरान उसे नौकरी की जरूरत थी। डॉ ललित वरमानी ने कहा था कि वह दोस्त के पास कंप्यूटर आपरेटर की नौकरी पर लगवा देगा। चार मई को ललित वरमानी महिला को सेक्टर 11 से पिक करके सेक्टर 17 होटल शिवालिक व्यू होटल में इंटरव्यू दिलाने के लिए लेकर गया था।
कमरे में दोस्त न होने के चलते डॉ ललित वरमानी ने महिला के कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और इसके बाद दुराचार कर फरार हो गया।
शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-17 थाना पुलिस ने डॉ. वरमारी पर दुराचार समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने 15 मई को फरार चल रहे डाक्टर को पंचकूला से गिरफ्तार किया था।