पुलिसवालों द्वारा दसवीं की छात्रा से दुराचार के मामले में नई गठित एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमला मीणा और इंस्पेक्टर हरजीत कौर ने पीड़िता के बयान दर्ज किए।
पीड़िता ने बताया कि उसकी उम्र 17 साल है। उसके साथ पुलिस वालों ने जबरदस्ती की और उसके मां-बाप को मारने की धमकी दी। पांच पुलिस वाले धमकाते थे।
दो ने उससे रेप किया जबकि तीन मुझे ब्लैक मेल करते और धमकी देते कि हम पुलिस वालों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। एक ने कहा कि तू मेरे साथ छह महीने तक रिलेशन रख, नहीं तो तुझे मार डालूंगा।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने मुझे जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया और सुनसान जगह पर ले गए। मैंने रेप से पहले भागने की कोशिश की तो मुझे मारा और सिर पर रिवॉल्वर लगा दी।
बीच रास्ते में पीसीआर वाले पीछे लग जाते थे और रेप करने के बाद मुझे दवाई खिलाते थे। न खाने पर मार डालने की धमकी दी जाती। इस डर से में खुदकुशी करने चली थी मगर मेरे भाई ने मुझे बचा लिया।
मैं चाहती हूं कि मुझे इंसाफ मिले। पुलिस वालों के नाम जगतार, अक्षय, हिम्मत, सुनील हैं पांचवे पुलिसवाले को मैं शक्ल से पहचान सकती हूं। वहीं विजिलेंस इंचार्ज गुरजीत कौर ने पुलिस दबाव के बारे में पीड़िता से पूछा।
पीड़िता ने मामला दर्ज करवाने के समय किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा दवाब बनाने के आरोपों को खारिज कर दिया।
पांच कांस्टेबलों की निशानदेही पर जगह की शिनाख्त
एसआईटी ने मामले में पकड़े गए कांस्टेबल, अक्षय, सुनील, अनिल, हिम्मत और जगतार की निशानदेही पर दुराचार वाली जगहों की भी शिनाख्त करवाई।
पीड़िता और आरोपियों ने दुराचार वाली जगह एक जैसी ही बताई। वहीं एसआईटी ने आरोपी कांस्टेबलों की निशानदेही पर पता लगाया कि वे छात्रा को किन-किन रास्तों से कमरे पर लेकर जाते थे।