शांतिकुंज में बैठी पीयू की छात्रा की बहादुरी के चलते ही उसपर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने वाले चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल कुलदीप और अनिल पकड़े गए।
दोनों को पुलिस विभाग ने निलंबित कर दिया गया। एसएसपी डॉ सुखचैन सिंह गिल ने आईआरबी में तैनात कांस्टेबल कुलदीप और अनिल की विभागीय जांच के आदेश दिए है।
पीयू के छात्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 20 जनवरी को वह यूनिवर्सिटी में एमबीए कर रही छात्रा के साथ सेक्टर-16 शांतिकुंज में बैठा हुआ था। इतने में खाकी वर्दी में दो कांस्टेबल आए और उनका नाम पता नोट करके पुलिस स्टेशन लेकर जाने के लिए कहने लगे।
मामला दर्ज करने की धमकी देकर कांस्टेबल कुलदीप और अनिल ने उनसे पांच हजार रुपये मांगे। उसने 200 रुपये दे दिए और बाकी के रुपये बाद में देने के लिए कहा।
कांस्टेबल अनिल ने गारंटी के तौर पर छात्रा की कानों की बाली रख ली और कहा कि रुपये लेकर आना और बाली वापिस ले जाना।
इसके बाद कांस्टेबल अनिल छात्रा को फोन कर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा। छात्रा ने कांस्टेबल से परेशान होकर उसकी फोन पर रिकॉर्डिंग की। विजय शर्मा ने अपने जानकार इंस्पेक्टर को सारी घटना की जानकारी दी।
इंस्पेक्टर के कहने पर सेक्टर-43 बस स्टैंड चौकी इंचार्ज ने छात्रा को तंग करने वाले पुलिस जवानों को सेक्टर-43 बस स्टैंड पर बुलाने के कहा और इस दौरान पुलिस ने ट्रैप लगाया। छात्रा से रुपये लेने आए कांस्टेबल कुलदीप और अनिल को पुलिस ने दबोच लिया और उनके पास से कानों की बाली बरामद कर सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने कांस्टेबल अनिल और कुलदीप के खिलाफ छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने और रुपये ठगने का मामला दर्ज कर उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। अदालत ने उन्हें रविवार को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।