सोमवार दोपहर करीब 1.30 बजे टीम को गुप्त सूचना मिली कि पांचों हत्यारों में से तीन आशु नैन की हत्या करने दोबारा चंडीगढ़ आ रहे हैं। सूचना के आधार पर डीटी मॉल चौक के पास नाका लगाया गया। इस दौरान टीम ने पोलो कार नंबर (एचआर-70बी-8075) को रुकने का इशारा किया लेकिन कार चालक सिल्लू नंदल ने कार की स्पीड बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस टीम ने कुछ दूरी तक पीछा कर तीनों को किशनगढ़ चौक के पास से धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद वह विदेश भागने के फिराक में थे।
लॉरेंस गैंग मुहैया कराई थी पिस्टल
टीम की प्राथमिक जांच में सामने आया कि बरामद हुए दो तमंचे हत्या वारदात में इस्तेमाल नहीं हुए हैं। आरोपियों ने जिस पिस्टल से फायरिंग की थी, उसे लारेंस बिश्नोई और राजू बिसोदिया की गैंग ने मुहैया कराई थी। एसपी का कहना है कि पकड़े गए तीनों गैंगस्टर बिश्नोई और बिसोदिया गैंग से ताल्लुक रखते हैं। साथ ही बरामद विक्की का पासपोर्ट सिंगापुर से बना हुआ है। अंकित और विक्की दोनों कई बार विदेश जा भी चुके हैं।
अंकित के सिर पर फोड़ी थी बियर की बोतल... इसी की थी रंजिश
एसपी ने बताया कि वारदात को पांच लोगों ने अंजाम दिया है। हत्यारों से पूछताछ में अब तक सामने आया कि बीते 16 दिसंबर को अंकित नरवाल और आशू नैन के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इस दौरान आशू नैन ने अंकित के सिर पर बियर की बोतल फोड़ दी। इसके अलावा मारे गए दो छात्र अजय और विनीत भी लड़ाई-झगड़े में शामिल थे। इसी बात को लेकर इनमें रंजिश चल रही थी। इसके बाद पांच लोगों ने मिलकर दोनों को गोलियों से भून दिया। वारदात के बाद सभी मुंबई, अहमदाबाद, राजस्थान, समेत अन्य राज्यों में छिपते रहे जबकि पुलिस अभी दो हत्यारों की तलाश में जुटी हुई है।
पीयू में दाखिला लेने वाला था अंकित
पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित नरवाल हाल ही में बारहवीं की परीक्षा पास की है और वह पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाला था। जबकि सुनील पानीपत से बीए कर चुका है। वहीं विक्की उर्फ कालिया दसवीं पास है और वह पानीपत पुलिस का आर्म्स एक्ट केस में भगोड़ा घोषित है। पुलिस जांच में बरामद कार अंबाला निवासी मेवा लाल के नाम रजिस्टर्ड है।