आरोप है कि इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड कमलदीप की राहुल व नवीन से कहासुनी हो गई। मामला इस कदर बिगड़ा कि युवकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। यह देख सिक्योरिटी में तैनात श्याम सुंदर ने सभी युवकों को इमरजेंसी से बाहर करना चाहा। आरोप है कि इसी दौरान गुस्साए आरोपियों ने श्याम सुंदर पर हमला बोल दिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी।
इससे श्याम सुंदर बुरी तरह जख्मी हो गए जबकि आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इसके बाद घायल श्याम सुंदर को इलाज के लिए ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया जबकि कमलदीप के सिर पर चोट आई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद दोनों आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अन्य को पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
पिछले सात वर्षों से जीएमसीएच-32 में ड्यूटी कर रहे थे श्याम सुंदर
श्याम सुंदर के बड़े भाई वरुण ने बताया कि श्याम सुंदर रायपुर खुर्द में पत्नी और दस वर्षीय बेटे के साथ रहते थे। वह करीब सात वर्षों से जीएमसीएच-32 में बतौर सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहे थे। रविवार रात 11 से सुबह 7 बजे तक श्याम की ड्यूटी थी। उनकी मौत कैसे हो गई, उन्हें कुछ पता नहीं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे। पुलिस ने जीएमसीएच-32 में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
बता दें कि इमरजेंसी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सिक्योरिटी गार्ड्स से मारपीट की पूरी फुटेज कैद हो गई है। पुलिस फुटेज को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि श्याम की मौत किन कारणों से हुई अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ बनती धाराओं के तहत और भी धारा जोड़ी जा सकती है।
सुरक्षाकर्मियों ने किया प्रदर्शन
श्याम सुंदर की मौत के बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अस्पताल मैनेजमेंट की ओर से कोई भी ऑफिसर मौके पर क्यों नहीं पहुंचा। सिक्योरिटी गार्ड समेत अन्य यूनियन के कर्मचारियों ने अस्पताल मैनेजमेंट के खिलाफ सोमवार सुबह से ही नारेबाजी शुरू कर दी। मांग थी कि मृतक के परिजनों में से एक सदस्य को नौकरी, मुआवजा और सुरक्षा कर्मचारियों की खुद की सुरक्षा नीति बनाई जाए।
अस्पताल डायरेक्टर डॉ. बीएस चवन ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। इस मौके पर जीएमसीएच ज्वाइंट एक्शन कमेटी प्रधान सुखबीर सिंह, नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान डबकेश कुमार, सफाई कर्मचारी यूनियन प्रधान धर्मपाल, सुरक्षा कर्मचारी यूनियन प्रधान तरलोचन सिंह मौजूद रहे।
यह आपराधिक मामला है। अस्पताल प्रशासन घटना से संबंधित साक्ष्य व अन्य तथ्यों को लेकर पुलिस का हर स्तर पर सहयोग करेगा। - अनिल मोदगिल, प्रवक्ता, जीएमसीएच-32