चंडीगढ़ विजिलेंस ने सेक्टर-17 स्थित स्टेट आफिस में मकान अलॉटमेंट के बाद की रुकी किस्तों पर कार्रवाई न करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेते आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान स्टेट आफिस में सीनियर असिस्टेंट कॉलोनी हाउस ब्रांच में तैनात केके चोपड़ा के रूप में हुई है। विजिलेंस आरोपी को शुक्रवार जिला अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी।
सेक्टर 37 निवासी रविंदर कुमार की शिकायत पर विजिलेंस ने केके चोपड़ा पर भ्रष्टाचार के तहत मामला दर्ज किया है। सेक्टर-37 निवासी रविंदर कुमार ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि उसके भाई को साल 2016 में सेक्टर-38 ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में मकान अलॉट हुआ था। इसकी पिछले तीन साल से किस्त नहीं देने के कारण स्टेट ऑफिस से नोटिस आ रहे थे।
नोटिस मिलने पर वह सेक्टर-17 स्टेट आफिस में गया। जहां शिकायतकर्ता को इंस्पेक्टर मदन और सीनियर असिस्टेंट केके चोपड़ा मिले, जिन्होंने शिकायतकर्ता को राहत पहुंचाने के लिए 70 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता से एडवांस के रूप में पहले 20 हजार रुपये देने को कहा गया। इससे परेशान होकर रविंदर ने विजिलेंस को शिकायत दी।
डीएसपी दीपक यादव की अगुवाई में वीरवार को सेक्टर-17 स्टेट आफिस पर ट्रैप लगाया गया। इस दौरान शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग करने वाले सीनियर असिस्टेंट केके चोपड़ा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि केस में संलिप्त दूसरे अधिकारी इंस्पेक्टर मदन विजिलेंस के हाथ नहीं लगा। हालांकि, पुलिस अब आरोपी केके चोपड़ा से इंस्पेक्टर मदन के इस केस में पूरे रोल के बारे में जानकारी हासिल कर रही है।
घर में भी ली गई तलाशी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने केके चोपड़ा के घर पहुंचकर जांच शुरू की। इसके अलावा टीम ने अन्य लोगों से भी पूछताछ की। टीम अब जांच में जुटी हुई कि इस मामले में चोपड़ा के अलावा कोई और तो शामिल नहीं है। टीम ने आरोपी की कई फाइलों को भी खंगाला ताकि कुछ और सुराग लग सके।