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DGP पुष्पेंद्र की वॉर्निंग: चंडीगढ़ में ड्रग्स का धंधा नहीं चलेगा, मैं खुद लूंगा एक्शन...एसएचओ की जाएगी कुर्सी

Fri, 11 Jul 2025 09:37 AM IST
अंकेश ठाकुर संदीप खत्री, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में ड्रग्स का धंधा नहीं चलेगा। तस्करों के साथ पुलिस थानों के एसएचओ पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी चंडीगढ़ के डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार ने दी है। 
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चंडीगढ़ पुलिस के प्रमुख डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस के प्रमुख डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार ने शहर को नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की गलियों में अब नशे का सौदा नहीं बल्कि पुलिस की दबिश दिखेगी। शहर में ड्रग्स (नशे) का धंधा नहीं चलेगा। अगर किसी भी थाना क्षेत्र में ड्रग्स बिकता मिला तो संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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पुलिस मुख्यालय में वीरवार देर शाम एक बैठक में डीजीपी ने कॉलोनी एरिया के सभी थाना प्रभारियों को चेताया कि ड्रग्स बेचने वाले बचेंगे नहीं और उन्हें संरक्षण देने वाले भी बख्शे नहीं जाएंगे। इस बैठक में एसएसपी, एसपी सिटी, पांच डीएसपी और 11 थानों के प्रभारी शामिल थे। दिल्ली पुलिस में संयुक्त पुलिस कमिश्नर रह चुके पुष्पेंद्र कुमार को खासतौर पर बड़े ड्रग्स तस्करों और गैंगस्टरों पर कारवाई करने के लिए जाना जाता है। 

2006 बैच के आईपीएस अधिकारी

पुष्पेंद्र कुमार ने चंडीगढ़ में डीजीपी का पद संभालने के बाद से ही नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। उन्होंने एसएसपी, डीएसपी और एसएचओ के साथ लगातार बैठकें कर यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह अब चंडीगढ़ में ड्रग्स का धंधा नहीं चलेगा। उन्होंने दिल्ली वेस्ट एरिया में रहते हुए कई बड़े नशा तस्करों को जेल पहुंचाया है और अंतरराज्यीय गिरोहों का नेटवर्क भी तोड़ा है। 

बातों का नहीं, कार्रवाई का वक्त...

डीजीपी ने कहा कि ड्रग्स युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। अब सख्त कदम उठाने का समय आ गया है। उन्होंने कॉलोनी क्षेत्रों को सबसे संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी का आदेश दिया है। डीजीपी ने बैठक में कहा कि चंडीगढ़ को नशा मुक्त करना है। पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि अब ड्रग्स के खिलाफ सिर्फ बैठकों का दौर नहीं चलेगा बल्कि हर थाने में नतीजे चाहिए, गिरफ्तारी और रिपोर्ट कार्ड भी। कॉलोनी क्षेत्रों में छोटे तस्करों पर कार्रवाई कर तस्करी की रीढ़ तोड़ी जाएगी और जल्द ही इनके पीछे छिपे बड़े मगरमच्छों तक भी पुलिस पहुंचेगी। डीजीपी ने यह भी कहा कि अगर उन्हें खुद किसी इलाके में ड्रग्स बिकने की जानकारी मिली, तो स्वयं जाकर कार्रवाई करेंगे और ऐसे में संबंधित एसएचओ पर भी कार्रवाई होगी। डीजीपी की सख्ती के बाद थाना प्रभारियों को साफ संकेत मिल चुका है कि अगर नतीजे नहीं दिखाए तो कुर्सी जरूर जाएगी।

एसएसपी को अहम जिम्मेदारी

डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार ने एसएसपी कंवरदीप कौर को ड्रग्स तस्करों का सफाया करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। एसएसपी ने ड्रग्स तस्करों की एक लंबी सूची तैयार कर ली है और विशेष टीमों का गठन भी कर दिया है। अब एक-एक कर ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अमर उजाला ने 15 मई को बड़े ही सिस्टम से बिकता है सिस्टम और 16 मई को 1000 रुपये में नसों में भर रहे नशा... शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थीं, जिस पर डीजीपी ने संज्ञान लिया था।

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