जिला अदालत में पांचवीं मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरने से हुई जिला बार एसोसिएशन के पूर्व उप प्रधान सुनील कुमार की पत्नी सिम्मी की मौत के मामले में पुलिस आत्महत्या के साथ हत्या के पहलू की भी जांच कर रही है। मौका मुआयना और क्राइम सीन को देखकर पुलिस प्राथमिक रूप से इसे केवल आत्महत्या का मामला नहीं मान रही। कई अनसुलझे सवाल हैं जो पुलिस को परेशान कर रहे हैं, जिसका जवाब पुलिस ढूंढने में जुटी है, हालांकि पुलिस पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में हैं। सिम्मी की मौत की सूचना पर थाना पुलिस सहित विभागीय उच्चाधिकारियों ने मौके की बारीकी से जांच की थी।
इस दौरान सिम्मी की जूती एडवोकेट चैंबर की पांचवीं मंजिल पर पड़ी मिली, जबकि उनका शव ग्राउंड फ्लोर पर उस दिशा में मिला, जहां ऐसे हादसों में किसी के गिरा पड़ा होना सामान्य बात नहीं है। सिम्मी के शरीर से खून भी अधिक नहीं बहा था और सिर भी इस प्रकार नहीं फटा था, जैसे कि वह पांचवीं मंजिल से गिरी हों। पुलिस को मौका-मुआयना करने पर किसी सुनियोजित साजिश की आशंका भी है लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक जांच को धीमा किए हुए है। बकौल पुलिस सिम्मी के पति एडवोकेट सुनील व अन्य किसी ने भी मामले में ऐसी किसी प्रकार की आशंका नहीं जताई है।
सीसीटीवी फुटेज तक कब्जे में नहीं ले पाई पुलिस
हैरत की बात यह है कि बुधवार को पूरा दिन निकलने के बाद भी पुलिस अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक कब्जे में नहीं ले सकी। यही नहीं पुलिस ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि अदालत परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब तो नहीं पड़े हैं। वहीं, बार काउंसिल के प्रधान अशोक चौहान ने बताया कि उन्होंने भी अब तक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज नहीं देखी है। पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में है। हालांकि उच्चाधिकारियों ने थाना पुलिस व अन्य पेशेवर पुलिसकर्मियों को मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस मामले में खुदकुशी के अलावा हत्या के पहलू से भी जांच में जुटी है। पुलिस ने मामले में अब तक सीआरपीसी-174 के तहत कार्रवाई की है।
देर शाम अदालत परिसर में कैसे पहुंची सिम्मी, बड़ा सवाल
सिम्मी देर शाम अदालत परिसर में कैसे दाखिल हो गई, यह बड़ा सवाल है। साथ ही अदालत की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान भी है। जिला अदालत के तीनों गेट रात के समय बंद रहते हैं और चौकीदार की ड्यूटी रहती है। अदालत परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। बावजूद इसके सिम्मी अदालत परिसर में प्रवेश कैसे कर गई, इस बारे में न तो पुलिस ने कोई जानकारी जुटाई और न ही जिला अदालत का कोई एडवोकेट ही इस बाबत बोलने को तैयार है। जिला अदालत के चौकीदार ने ही बीते मंगलवार की रात करीब पौने दस बजे सिम्मी का शव एडवोकेट चैंबर के ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा देख बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और पुलिस को सूचना दी थी।
घरेलू विवाद ने ली सिम्मी की जान
सिम्मी घरेलू झगड़ों से परेशान थीं और बताया गया कि बीते मंगलवार को ही वह सुबह से ही घर से बाहर थीं लेकिन इस बाबत उनके एडवोकेट पति सुनील ने पुलिस को उनकी गुमशुदगी की कोई सूचना नहीं दी थी। बताया गया कि सिम्मी का पति से किन्हीं घरेलू कारणों से विवाद गहराया हुआ था। एडवोकेट सुनील ने पत्नी की मौत की सूचना पर जिला अदालत पहुंचकर कहा था कि उनका बेटा विदेश जाना चाहता था। उन्होंने कहा था कि पत्नी व उनके झगड़े के बीच उनके बच्चे पिस रहे हैं।
जैसा की पारिवारिक सदस्यों ने बताया सिम्मी काफी समय से बीमार चल रही थीं। इस कारण वह डिप्रेशन में भी थीं। इसी कारण हो सकता है उन्होंने यह कदम उठाया हो। अब एडवोकेट्स चैंबर्स में आकर ऐसा क्यों किया, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। घरेलू विवाद को लेकर कुछ नहीं कह सकता, यह पारिवारिक मामला है।
-अशोक चौहान, प्रेसिडेंट, जिला बार एसोसिएशन
थाना पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही पुलिस मामले की तह तक पहुंच जाएगी।
- पवन कुमार, डीएसपी क्राइम एवं पीआरओ