23 सालों से एक मामला चल रहा था, जिसमें कंपनी के पूर्व एमडी समेत 7 लोगों को विशेष अदालत ने सजा सुनाई। मामला भूषण इंडस्ट्रीज कंपनी (बीआईसी) को बिजली चोरी कर फायदा पहुंचाने का था।
मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने इंडस्ट्रीज के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर के अलावा 6 सरकारी कर्मियों को तीन- तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बाद में कोर्ट में 20 हजार रुपये के बेल बॉन्ड भरवा कर सभी को जमानत दे दी गई।
मामला इंडस्ट्री को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली चोरी कर फायदा पहुंचाने का है। इनके खिलाफ 14 दिसंबर 1993 को आपराधिक साजिश रचने, भ्रष्टाचार अधिनियम औैर इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत यह केस दर्ज किया था।
दोषी पाए जाने वाले लोगों में ये सभी शामिल
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दोषी पाए जाने वालों में भूषण इंडस्ट्रीज कंपनी के तत्कालीन एमडी बृज भूषण सिंघल के अलावा यूटी बिजली विभाग में एक्सईएन रहे वीके. महेंद्रू, कॉमर्शियल इंजीनियर दीपक चोपड़ा, जूनियर इंजीनियर तरसेम लाल अग्रवाल, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हरजिंदर सिंह बराड़, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) में जूनियर इंजीनियर मंगत पाल गौड़, सब-स्टेशन इंजीनियर जागीर सिंह शामिल हैं।
2006 में तय हुए थे आरोप
इनके खिलाफ फरवरी 2001 में चार्जशीट दायर की गई थी। नवंबर 2005 में केस सीबीआई की विशेष अदालत को ट्रांसफर हुआ था। 22 फरवरी 2006 को इनके खिलाफ आरोप तय हुए थे।