देश के टॉप टेन शहरों में हर क्षेत्र के मामले में चंडीगढ़ का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन इसके बावजूद शहर के पढ़े-लिखे लोगों को भी ठग अपनी चिपड़ी-चुपड़ी बातों में फंसा लेते है और फिर उन्हें ऑनलाइन तरीके से चूना लगा देते है।
साइबर क्राइम में उछाल
पुलिस के सरकारी रिकॉर्ड पर ही नजर डाली तो वर्ष 2024 की पहली छमाही में साइबर से जुड़े मामलों में काफी उछाल देखने को मिला है, जिसमें स्थानीय लोगों द्वारा ठगों की बातों में आकर 17 करोड़ रुपये से अधिक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। वर्ष 2023 के पूरे वर्ष की तुलना में वित्तीय घाटे का यह इस बार छह महीने का आंकड़ा दोगुना से भी अधिक है। 17 करोड़ रुपयों में से एक महत्वपूर्ण हिस्सा करीब 14 करोड़ रुपये तो केवल ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के जरिए ठगे गए है। इससे साफ जाहिर है कि ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी भी कोई अनपढ़ नहीं बल्कि पढ़े-लिखे है और वह अपनी बातों में फंसाकर लोगों से करोड़ों रुपये ठग लेते है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में साइबर धोखाधड़ी के चंडीगढ़ पुलिस द्वारा अलग-अलग थानों में करीब 144 मामले दर्ज किए गए थे। इसमें करीब 5 करोड़ 82 लाख 87 हजार 622 ठगों ने ऑनलाइन तरीके से ठगे। साइबर क्राइम करने वाले आरोपियों द्वारा अकसर लिंक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, ऑनलाइन खरीदारी घोटाले और कनाडा कॉलिंग के जरिए अपना तरीका अपनाया जाता है। इसके अलावा आरोपियों द्वारा गैंगस्टरों का नाम लेकर भी लोगों को चूना लगाया जाता है।
वहीं, अगर बात वर्ष 2023 के आंकड़ों पर करें तो इस साल में करीब 133 घटनाएं साइबर क्राइम से संबंधित हुईं। इन आंकड़ों के मुताबिक ठगों ने करीब 7 करोड़ 8 लाख 66 हजार 728 रुपये अलग-अगल तरीकों से ठगे गए। ठगों ने ओटीपी शेयरिंग, फर्जी लिंक, ऐनी डेस्क ऐप धोखाधड़ी, ओएलएक्स धोखाधड़ी, ऑनलाइन बुकिंग घोटाले, क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी और पार्सल धोखाधड़ी से संबंधित मामले सामने आए।
छह महीनों में 7 करोड़ से आंकड़ा 17 करोड़ तक पहुंचा
वहीं अगर वर्ष 2023 के जनवरी से महज जून तक के मामलों पर ही गौर किया जाए तो करीब 76 मामले अभी तक साइबर क्राइम से जुड़े दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में ठगों ने करीब 17 करोड़ 5 लाख 41 हजार 260 रुपये शहर के लोगों से ठगे गए है। इनमें प्रमुख घोटालों में एपीके फाइल लिंक धोखाधड़ी, टेलीग्राम के माध्यम से ऑनलाइन निवेश घोटाले, ऑनलाइन बुकिंग अपॉइंटमेंट धोखाधड़ी और निरंतर कनाडा कॉलिंग घोटाले शामिल है। इनमे सबसे अधिक मामले इन्वेस्ट करने से जुड़े है जिसमें एक व्यक्ति से तो करीब डेढ़ महीने पहले ठगों ने तीन करोड़ रुपये का भी चूना लगा दिया था।
वहीं डिजिटल गिरफ्तारी के जरिए भी धोखाधड़ी से संबंधित दो मामले सामने आए जिसमें एक करौड़ रुपये तक की राशि शामिल थी। इसके अलावा ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में पिछड़े आंकड़ों की तुलना में इस बार 30 मामले अधिक सामने आए है जिनमें लोगों को 14 करोड़ 18 लाख 57 हजार 512 ठगे गए। इसके अलावा ठगों ने अब लोगों को व्हाट्सएप के जरिए लोगों को मैसेज भेजकर पहले अपने जाल में फंसाया जाता है और बाद में उनसे टेलीग्राम ऐप डाउनलोड करवाकर उन्हें चूना लगाया जाता है। इससे जुड़े भी करीब 6 मामले सामने आए है जिनमें लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक गंवाने पड़े हैं।