जालंधर के रामामंडी के स्कूल में हुई चोरी के 35 लाख रुपये चौकी इंचार्ज खुद ही डकार गया और अफसरों को भनक तक न लगने दी। वह यूपी से आरोपी को पकड़कर लाया और जालंधर में फर्जी नाकाबंदी में गिरफ्तारी दिखा दी। यही नहीं, बिना रिमांड सीधे जेल भेज दिया। उसने रिकॉर्ड में महज आठ लाख की बरामदगी दिखाई जबकि पूरी रकम बरामद कर चुका था। जांच हुई तो सच सामने आ गया। स्कूल मालिक विजय कुमार मैणी व चौकी प्रभारी मुनीष कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
यूपी का रहने वाला बिजली कारीगर शामू ने ब्रिटिश ओलविया स्कूल से 35 लाख की नकदी चुरा ली। इस पैसे से उसने सोने के गहने, कपड़े खरीदे और परिवार समेत गांव चला गया। थाना रामामंडी में मामला दर्ज किया गया। एएसआई को इसकी जांच सौंपी गई। हालांकि स्कूल मालिक विजय मैणी ने शिकायत में 9.30 लाख की चोरी की बात लिखवाई क्योंकि इतना ही पैसा सफेद था।
नंगल शामा चौकी प्रभारी मुनीष कुमार जांच अधिकारी को बिना बताए यूपी गया और शामू को पत्नी व तीन माह के बच्चे समेत उठाकर जालंधर ले आया। इस दौरान उसने स्पीकर में छिपाकर रखी लाखों की राशि भी बरामद कर ली। 11 सितंबर को शामू को जालंधर में एक फर्जी नाके पर गिरफ्तार दिखाया। उससे 8 लाख की राशि की बरामदगी दिखाई। बिना रिमांड सीधे जेल भेज दिया। जांच अधिकारी ने 12 सितंबर को दो बार चौकी प्रभारी मुनीष को तलब किया लेकिन वह थाने में हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद इंस्पेक्टर नवदीप सिंह ने इसकी डीडीआर दर्ज कर दी।
उधर, डीसीपी ने चोरी के अन्य केस में आरोपी शामू को जेल से लाकर पूछताछ की तो पता चला कि 35 लाख की बरामदगी हो गई थी। मुनीष ने एक स्कूटी, इनवर्टर, सोना खरीदा था। चौकी प्रभारी ने सबकुछ कब्जे में ले लिया था। ऑन रिकॉर्ड आठ लाख की बरामदगी देख अधिकारियों का माथा ठनक गया। मामला डीजीपी गौरव यादव तक पहुंचा तो उन्होंने उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया। जांच में चौकी प्रभारी मुनीष कुमार के खिलाफ सबूत अधिकारियों को मिले। डीसीपी सिटी जगमोहन सिंह का कहना है कि जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।