पूछताछ में गुजराल सिंह और जोगिंदर सिंह ने बताया कि 12 मार्च 2023 को चौकी बादशाहपुर (कपूरथला) की पुलिस ने गुजराल सिंह को पकड़ा था। उस समय एसआई हरजीत सिंह वहां आ गया। जोगा ने बताया कि वह 11 फरवरी 2022 में थाना सुल्तानपुर लोधी में दर्ज एनडीपीएस केस में वांछित था। उसकी पत्नी (जोगा) जगजीत कौर मैंडी गरेवाल ने गुजराल सिंह उर्फ जोगा को छुड़वाने के लिए चौकी बादशाहपुर के प्रभारी और थाना कोतवाली के एसएचओ के साथ 21 लाख रुपये में सौदा तय किया।
एक लाख रुपये की रकम एसएचओ हरजीत सिंह ने चौकी में ले ली। अगले दिन एसएचओ हरजीत सिंह और चौकी प्रभारी परमजीत सिंह ने जोगा के पिता जोगिंदर सिंह और सरपंच राजपाल सिंह के भाई ओंकार सिंह उर्फ कारी निवासी गांव बूट की मौजूदगी में चौकी बादशाहपुर में 19 लाख रुपये लिए।
एक लाख रुपये चौकी प्रभारी परमजीत सिंह ने अलग लिए। रिश्वत के पैसे लेने के बाद एसएचओ और चौकी प्रभारी ने गुजराल सिंह उर्फ जोगा को पिता जोगिंदर सिंह उर्फ भाई व ओंकार सिंह के हवाले कर दिया। इसका खुलासा होने पर जालंधर देहात पुलिस ने कपूरथला के एसएसपी राजपाल सिंह संधू को सूचना दी। इसके बाद एसएसपी ने खुद कमान संभाली और मामले की जांच के बाद एसएचओ हरजीत सिंह और चौकी प्रभारी परमजीत सिंह, डील करवाने वाले गांव बूट के सरपंच के भाई ओंकार सिंह के खिलाफ थाना सुभानपुर में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, आईपीसी की धारा 222 और 120-बी के तहत केस दर्ज करवाया।
पुलिस ने आरोपी चौकी प्रभारी को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी (जांच) रमनिंदर सिंह ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जल्द प्रेसवार्ता कर पूरी जानकारी दी जाएगी। इस मामले ने कई पुलिस अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जांच के बाद एक डीएसपी समेत कुछ और पुलिसवालों के नाम सामने आने की संभावना है।