प्रदीप ने बताया कि उन्होंने मुझे यह कहकर एक तरफ कर दिया कि तुमसे हमारी कोई दुश्मनी नहीं है। इसके बाद उन्होंने दोनों भाइयों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। कमलप्रीत हमलावरों से उलझा तो हमलावरों ने आठ गोलियां चलाईं। एक गोली उसकी जांघ पर लगी। हमलावरों ने दविंदर के सिर पर दातर से ताबड़तोड़ वार किए।
दविंदर के गिरते ही हमलावर बाइकों पर सवार होकर निकल गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां दविंदर को मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल में कमलप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि उन पर हमला उनके पड़ोसी गोपी बाजवा ने अपने साथियों के साथ किया है।
बच्चों को लेकर हुए झगड़े के बाद उनकी बाजवा परिवार के साथ 12 साल से रंजिश चल रही है। हमलावरों में गोपी बाजवा, जग्गी, चिद्दी, सोहल, गौरव और सुखमीत सिंह भी शामिल थे। कमलप्रीत ने आरोप लगाया कि हमलावरों को एक डीएसपी ने शह दे रखी थी, जिस कारण उन पर कातिलाना हमला हुआ है।