लंच के नाम पर ले गया था घर और बनाया बंधक
जानकारी के मुताबिक 13 मई को हर्षित बंसल ने बी. प्रकाशन को कंपनी के एक करोड़ रुपये के हिसाब के लिए तमिलनाडु से हवाई यात्रा के जरिये टिकट बुक कर पंचकूला बुलाया। पंचकूला पहुंचने पर प्रकाशन से कार्यालय में बातचीत करने के बाद लंच के नाम पर अपने घर ले गया। वहां 16 मई तक बंधक बनाकर रखा। बी प्रकाशन का आरोप है कि 16 मई की शाम को हर्षित बंसल की पत्नी गेट की तरफ से चिल्लाती हुई आई। हर्षित ने चिल्लाने की वजह पूछी तो कहा कि बी प्रकाशन ने उसके साथ छेड़खानी की है।
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इसके बाद हर्षित बंसल ने बी. प्रकाशन को धमकाते हुए कहा कि जब तक तू हमारे रुपये नहीं देगा, तब तक तुझे कहीं जाने नहीं देंगे। थोड़ी देर बाद 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली और सेक्टर-14 थाने में पत्नी से छेड़छाड़ का झूठा केस दर्ज करवा दिया। मामले को और मजबूत करने के लिए नौकरानी को भी झूठ में शामिल करने का प्रयास किया। आरोपी ने उसे गोली मारने की धमकी दी और झूठा केस दर्ज करवाकर रुपये ऐंठने की कोशिश की।
इस तरह हुआ मामले का खुलासा
पुलिस कमिश्नर शिबास कविराज के ध्यान में मामला आने के बाद शनिवार को रात करीब 11 बजे डीसीपी हिमाद्रि कौशिक और डीसीपी अमित दहिया को सेक्टर-16 चौकी में भेजा। इस दौरान उन्होंने मामले की पूरी सच्चाई जानने के लिए तमिलनाडु के बी प्रकाशन से पूछताछ की। पूछताछ में बी प्रकाशन ने माना कि एक करोड़ रुपये का सामान बेचा गया है। जिसके रुपये अभी आने हैं। रुपये नहीं देने पर नौकरानी और व्यापारी की पत्नी ने उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए 112 नंबर पर फोन कर केस दर्ज करवाया है। इसके बाद पुलिस ने व्यापारी से और उसके परिवार से भी पूछताछ की। जांच के बाद व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
बी प्रकाशन के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगर इसमें किसी पुलिस कर्मी की कोई मिलीभगत पाई जाती है तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अमित दहिया, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक पंचकूला पुलिस