बुनाई के कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने अमृतसर और कोलकाता के कारोबारियों से लाखों रुपये न मिलने पर दुखी होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इससे पहले व्यापारी ने पत्नी को फोन पर कहा कि प्रेस की मौजूदगी में पुलिस को घर में रखे कागजात दे देना। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने जान दे दी। पुलिस ने घर से सुसाइड नोट बरामद कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में सिर्फ लाखों रुपये की बात है, स्पष्ट रूप से कितने रुपये लेने थे, इसका जिक्र नहीं है।
थाना गेट हकीमां की पुलिस के अनुसार संदीप वधावन उर्फ सोनू निवासी गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू झब्बाल रोड 25 वर्षों से बुनाई से संबंधित व्यापार करता था। वह अमृतसर से इससे जुड़े उत्पाद खरीदकर बाहर सप्लाई करता था। अमृतसर के 'चोपड़ा निटर' के मालिक आशीष चोपड़ा उर्फ आशु और कोलकाता के 'लक्की टेक्सटाइल' के मालिक रुपिंदर कपूर के साथ उनके व्यापारिक संबंध थे। इस दौरान दोनों आरोपियों ने उनके लाखों रुपये अपने पास दबा लिए। इस कारण संदीप वधावन परेशान रहने लगे, क्योंकि लेनदार उन्हें परेशान कर रहे थे। जब वह आशीष और रुपिंदर से अपने लाखों रुपये की मांग करते तो उन्हें धमकी मिलती। इस बात से वह काफी परेशान थे।
परिवार ने पुलिस को बताया है कि रविवार की शाम संदीप वधावन कार लेकर कहीं चले गए और बाद में पत्नी को फोन पर बताया कि उनके कुछ कागजात घर में पड़े हैं। साथ ही कहा कि ये कागजात पुलिस को प्रेस की मौजूदगी में दिए जाएं। जब परिवार ने कागजात देखे तो उनके रोंगटे खड़े हो गए। कागजात कुछ और नहीं बल्कि सुसाइड नोट था। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रेस किया और झब्बाल रोड पर परिजनों के साथ पुलिस पहुंची तो कार के पास ही संदीप जमीन पर पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रही थी। उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया था। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत बता दिया गया। थाना गेट हकीमां की पुलिस को सुसाइड नोट दे दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।