अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर गांव दप्पर के नजदीक मंगलवार सुबह करीब सात बजे हरियाणा रोडवेज की बस से होंडा सिटी कार की भिड़ंत हो गई। इससे कार सवार एक उद्योगपति, उनकी पत्नी, उनके पिता तथा कार ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से बस सवार कुछ लोगों को भी मामूली चोटें आईं हैं।
जानकारी के अनुसार आलोक जैन (52), पत्नी कल्पना जैन (50), पिता अजीत प्रसाद (74) निवासी मॉडर्न हाउसिंग कॉम्पलेक्स, मनीमाजरा होंडा सिटी (सीएच 01 एई-6173) से दिल्ली में एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। कार मनीष कुमार (22) पुत्र राजेश कुमार निवासी सकेतड़ी, पंचकूला चला रहा था।
जैसे ही वे दप्पर के नजदीक पहुंचे तो अचानक कार चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार दायीं तरफ डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी तरफ जा पहुंची। इसी दौरान चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर जा रही हरियाणा रोडवेज की कुरुक्षेत्र डिपो की बस (एचआर 65- 8907) से उसकी भिड़ंत हो गई। भिड़ंत इतनी जोरदार भी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
कीमती सामान परिजनों को सौंपा
कार सवार परिवार विवाह समारोह से शामिल होकर आ रहा था। शवों से गहने, कीमती सेलफोन, कपड़े, घड़ियां, शगुन के लिफाफों समेत 9800 रुपये की नकदी मिली। पुलिस ने सब कुछ जमाकर मृतकों के वारिसों को सौंप दिया।
अज्ञात वाहन ने कार को पीछे से टक्कर मारी
लैहली पुलिस चौकी इंचार्ज फूलचंद ने बताया कि कार को किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मारी थी। इस कारण कार बेकाबू होकर डिवाइडर पार कर दूसरी ओर से आ रही बस से टक्कर गई थी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
दो साल पहले ही हुई थी मनीष की शादी
कार चालक पंचकूला निवासी मनीष के पिता राजेश और छोटे भाई ने बताया कि उसकी करीब दो साल पहले ही शादी हुई थी। अभी उसकी कोई संतान नहीं है। वह दो साल से आलोक जैन के साथ काम कर रहा था।
परिवार में रह गईं केवल दो बेटियां
आलोक जैन बॉक्स बोर्ड पैकेजिंग्स के नाम से लालड़ू के निकट गांव मलकपुर में स्मॉल स्केल यूनिट चलाते थे। आलोक के परिवार में अब उनके पीछे केवल दो बेटियां रह गई हैं, जो पेपर की वजह से विवाह में शामिल नहीं हो पाईं। हादसे के बाद से उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
सोचा न था, माता-पिता को देनी पड़ेगी मुखाग्नि
बेटियों ने कभी नहीं सोचा था कि माता पिता और दादा को वह सोमवार खुशी-खुशी दिल्ली शादी में भेज तो रही हैं, लेकिन उन्हें दोबारा नहीं देख पाएंगे और उन्हें अपने ही हाथों से माता पिता को मुखाग्नि देनी पड़ेगी। सड़क हादसे में माता-पिता की मंगलवार सुबह मौत की खबर सुनते ही दोनों बेटियां बेसुध हो गईं।
बेसुध हालत में ही दोनों को अपने माता-पिता को मुखाग्नि देनी पड़ी। हादसे में मरने वाले आलोक जैन के भाई योगेश जैन ने बताया कि आलोक की बड़ी बेटी वजीना 17 साल की है और बारहवीं में पढ़ती है। जबकि छोटी 15 साल की बेटी वशीना दसवीं कक्षा की छात्रा है।
उन्होंने बताया उनकी भाभी कल्पना जैन सेक्टर -19 के सरकारी स्कूल में टीचर थीं। जबकि आलोक जैन बिजनेस मैन थे। वहीं इस दर्दनाक हादसे में परिवार के तीन लोगों की मौत होने से माडर्न कांप्लेक्स डुप्लेक्स के लोगों में भी शोक ही लहर है।
कांप्लेक्स डुप्लेक्स एसोसिएशन के प्रधान केएल अग्रवाल और आलोक जैन के पड़ोसी विपुल घई ने बताया कि पूरे इलाके में शोक की लहर है। सुबह से लोग आलोक जैन के घर उनकी बच्चियों को हौसला देने में जुटे हुई हैं।