रामनिवास ने बताया कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद उसने बेटों की नौकरी पक्की होने की बात रिश्तेदारों को बताई। इसके बाद कई अन्य लोग भी नौकरी के लिए पैसे देने को तैयार हो गये। रामनिवास ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने रोमित कुमार से आठ लाख रुपये, विनय कुमार से 12 लाख रुपये, प्रवीन कुमार से 14 लाख रुपये, नीरज कुमार से 8 लाख रुपये व तुषार से भी 8 लाख रुपये लिए थे। 15-20 दिन में सभी को पक्की नौकरी मिलने का आश्वासन दिया गया था। फिर सभी को फर्जी नियुक्ति व पहचान पत्र देकर जल्द ज्वाइनिंग दिलवाने की बात कही, मगर कई महीने गुजरने के बाद आरोपियों की पोल खुल गई।
इधर कैंट पुलिस में 82 लाख धोखाधड़ी का मामला
उधर खेलन गांव के सुनील कुमार की शिकायत के बाद कैंट थाना पुलिस में आरोपी राजेश चनालिया व उसकी मां कमलेश समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज की है। सुनील ने क्लर्क की नौकरी की एवज में आरोपियों पर 9.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।
अब खेलन के ही बालकिशन ने 8 लाख, यमुनानगर के बाठली गांव के जसपाल से 12 लाख, नवजोत से 6 लाख, धर्मपाल से छह लाख, यमुनानगर के कैल निवासी अनिल से 9 लाख, मुकेश से 12 लाख, संजीव से साढ़े छह लाख व बब्याल के परविंद्र सिंह ने भी अपने साथ साढ़े सात लाख रुपये की ठगी होने की बात कही है। इनका आरोप है कि आरोपियों ने सभी को एमईएम में सफाई कर्मचारी से लेकर क्लर्क तक भर्ती करवाने के नाम पर 82 लाख रुपये का चूना लगाया है। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को चनालिया व उसकी मां कमलेश से गहन पूछताछ की।
हमले की वजह से आए थे सुर्खियों में
विस चुनाव में राजेश चनालिया तब सुर्खियों में आए थे जब किसी ने इन पर हमला कर दिया था। जख्मी हालत में चनालिया को कैंट के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। हमले के दौरान चनालिया के पास गनमैन नहीं था। चुनाव के दौरान जमा करवाए शपथपत्र में राजेश चनालिया ने तब अपने खिलाफ ठगी के दो मामले दर्ज होने का जिक्र किया था। एक केस पंजाब के लालडू थाने और दूसरा नारायणगढ़ का है।
बसपा नेता राजेश चनालिया व उसकी मां कमलेश को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों पर नौकरी के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी करने का आरोप है। एक महीने पहले ही उनके खिलाफ साजिशन धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। जांच में पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। धर्मवीर सैनी, एसएचओ, थाना नग्गल