बाकी दो बदमाश कार में पीछे की सीट पर बैठ गए। इनमें से एक हाथ में पिस्तौल और दूसरे के हाथ में भिंडा था। पहले नूरवाला की ले जाकर उसे गाड़ी से उतारकर कीचड़ में बैठाया और पीटा। फिर कार के अंदर खींचकर पिस्तौल के बल पर नीचे लेटा दिया। फिर सूनसान रास्ते पर उतारा परिजनों को कॉल कर 50 हजार रुपये मंगाने को कहां, रकम नहीं देने पर अपहरण कर पिता से तीन लाख की फिरौती वसूलने की धमकी दी।
यहां पर एक बदमाश उतर गया और उसे दोबारा कार में बैठाया गया। जिसके बाद प्लेड़ी गांव के खेतों में फेंक दिया। इस दौरान ड्राइवर की बगल वाली सीट पर बैठे बदमाश ने गोली मार देने की बात कही लेकिन कार चला रहे बदमाश ने मना कर दिया।
उससे 2200 रुपये, होंडा अमेज कार और तीन एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गए। जिसके बाद मैनेजर दो किलोमीटर पैदल चलकर एक निजी स्कूल के चौकीदार के पास पहुंचा और उसके फोन से पुलिस और परिजनों को वारदात की सूचना दी। पुलिस करीब आधा घंटे में पीड़ित के पास पहुंची और मौके से पीड़ित को लेकर वारदातस्थल का मुआयना किया। वहीं, पीड़ित की शिकायत पर एसपी सुमित कुमार मौके पर पहुंचे और आरोपियों की धरपकड़ के आदेश दिए।
आरोपियों ने पूछा एटीएम कार्डों का पिनकोड, पीड़ित ने बताया गलत
मैनेजर ने बताया कि बदमाशों ने खेतों में छोड़ने के बाद उसकी जेब से 2200 रुपये निकाले और उसके तीनों एटीएम कार्ड के पिन पूछे, जो उसने गलत बताए। पिन नोट करने के बाद बदमाश फरार हो गए।
मैनेजर ने पुलिस का बताया कि चारों बदमाश हरियाणवी में बात कर रहे थे। वह कह रहे थे छोरे या तो पैसे मंगा ले ना तै तन्ने जान ते खत्म कर दयांगे। हामनै पता है थारे धौरे जमीन भी है और कई प्लॉट भी हैं। इन सब बातों से उसे महसूस हुआ कि आरोपी उससे परिचित है। वह जानबूझकर हरियाणवी भाषा में बात कर रहे थे, ताकि उन्हें आरोपियों की पहचान न हो सके।
बदमाशों ने मुंह में लपेट रखी थी शॉल
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए शॉल से मुंह ढक रखा था। बदमाशों में उसे कार में बैठाते ही मारपीट शुरू कर दी और चार घंटे तक 10 किलोमीटर एरिया में घुमाया। अलग-अलग जगहों पर घुमाते रहे। रास्ते में कीचड़ लग रहा था, क्योंकि कार फंस-फंसकर चल रही थी।
अकसर आता था लेट, इसलिए कभी नहीं करते थे फोन
मैनेजर के पिता ने बताया कि बेटा छह माह से पानीपत में काम कर रहा है। वह अकसर लेट हो जाता था। इसलिए वह फोन कर उसकी लोकेशन और आने के समय के बारे में नहीं पूछते थे। जब पीड़ित ने आठ जनवरी की रात को फोन किया तो वह परेशान हो गए। उसी समय बेटे के पास पहुंचे।
ओयो के एरिया मैनेजर की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है, बदमाशों की तलाश जारी है। - अनिल कुमार, प्रभारी, 13-17 थाना।