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घर में सो रही महिला की 18 गोलियां मारकर हत्या

Sat, 22 Aug 2015 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, महेंद्रगढ़(हरियाणा)
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महेंद्रगढ़ के खैरोली में बदमाशों ने घर में घुसकर आंगन में सो रही महिला की 18 गोलियां मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। मृतका बिमला देवी अपने बेटे के मर्डर केस में अहम गवाह थी। वारदात की सूचना पर देर रात ही एसपी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
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पुलिस को दी शिकायत में मृतका बिमला देवी के देवर दूड़ा राम ने बताया है कि बृहस्पतिवार को दिन में कुछ लोग उनके घर आए थे। उन्होंने पुराने चल रहे विवाद में समझौता करने की बात कही और इनकार पर देख लेने की धमकी दी। बृहस्पतिवार रात बिमला देवी अपनी ननद चंपा देवी और एक छोटी बच्ची के साथ घर के आंगन में सो रही थी।

रात को आए छह-सात बदमाशों ने बिमला देवी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां की आवाज से जब वह जागा तो उसने देखा कि घर से छह-सात नकाबपोश हमलावर बाइक पर भाग रहे थे। पुलिस ने दूड़राम की शिकायत पर सीताराम, रामबिलास, हरनारायाण, सुनीता, विक्रम, हजारी लाल और वीरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दिल्ली से 10 दिन पहले ही आई थी
पुरानी रंजिश में बेटे संदीप फौजी की मौत के बाद बिमला देवी का परिवार दिल्ली यमुना पार क्षेत्र में शिफ्ट हो गया था। बिमला देवी 10 दिन पहले ही गांव में मुआवजे के चेक बैंक में जमा करवाने आई थी। दो-तीन दिन में उसे लौटना था।

मृतका बिमला देवी के बिहारीपुर निवासी पिता श्रीराम सामान्य अस्पताल पहुंचे। श्रीराम की सुरक्षा की मांग पर सब इंस्पेक्टर सतबीर सिंह के नेतृत्व में पांच जवान शव लेकर दिल्ली रवाना हुए। उधर, इस बात की भी सूचना मिली है कि परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर शव रखकर प्रदर्शन किया।

पुलिस ने बरामद किए 25 खोल
पुलिस ने घर के आंगन से गोलियों के 25 खोल बरामद किए हैं। वहीं मृतका के शरीर पर 18 गोलियां दागी गई हैं। हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की है, इनमें से कुछ फायर मिस हुए हैं। पुलिस कयास लगा रही है कि इतने बड़े पैमाने पर गोलियां मारने के पीछे गुस्सा या फिर गांव में दहशत का माहौल पैदा करना ही हो सकता है।

सिर्फ बिमला देवी थी टारगेट
मृतका अपने बेटे संदीप के मर्डर केस में अहम गवाह थी। हमलावरों ने बिमला देवी की पहचान करके ही फायरिंग की। उनका टारगेट केवल बिमला देवी ही थी। हमले के समय मृतका के पास में सो रही उसकी ननद चंपा को हमलावरों ने कुछ नहीं कहा, सिर्फ बिमला देवी को ही छलनी करके चले गए।

गांव में मिली पुलिस को लावारिस बाइक
मृतका के घर से कुछ दूरी पर बाइक लावारिस हालत में मिली। इस पर दिल्ली की नंबर प्लेट लगी थी। सदर थाना पुलिस ने बाइक को कब्जे में ले लिया है। वहीं जब बाइक के नंबर से मालिक को ट्रेस करने का प्रयास किया गया तो पुलिस ने पाया कि दिल्ली में तो इस नंबर की सीरीज ही नहीं है। पुलिस बाइक को मामले से जोड़कर देख रही है।

संस्कार के लिए गांव वालों ने की मिन्नत
मृतका का अंतिम संस्कार खैरोली गांव में ही करने के लिए गांव से आए करीब दर्जनभर ग्रामीणों ने मृतका के पिता श्रीराम से बात की। ग्रामीणों ने फोन पर मृतका के बेटे और भाई भी बात की लेकिन उन्होंने गांव में जान का खतरा बताते हुए आने से मना कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रीराम को पुलिस सुरक्षा में शव ले जाने दिया।

खूनी रंजिश: डेढ़ साल में चौथा मर्डर
खैरोली गांव के दो परिवारों के बीच खूनी रंजिश में डेढ़ साल में बिमला का चौथा मर्डर है। डेढ़ साल पहले बिहारीपुर गांव के शादी समारोह में खैरोली के संदीप फौजी और शक्ति पहलवान के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें संदीप को चोट आई थी। कुछ दिन बाद ही शक्ति पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी।

शक्ति पहलवान की इस हत्या का शक संदीप फौजी पर गया। इसी दौरान मृतका बिमला का शक्ति पहलवान के परिवार के साथ झगड़ा हुआ और वह जख्मी हो गई। इसकी जानकारी लेने बिमला का भाई महेश जब उससे मिलने के लिए बिहारीपुर से खैरोली गांव में पहुंचा तो उसे गोली मार दी।

हमले में महेश की मौत हो गई। वहीं शक्ति पहलवान की हत्या के मामले में संदीप फौजी को नामजद किया। 8 माह तक जेल में रहने के बाद संदीप फौजी को जमानत मिल गई। वह पेशी पर नारनौल आया तो कोर्ट से बाहर निकलते समय उसे गोली मार दी।
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