ससुराल परिवार में विवाहिता और उसके दो बच्चों को जिंदा जलाकर मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पंजाब के पठानकोट जिले के गांव बेगोवाल में ये वारदात हुई। मृतका के पिता ने ससुराल पक्ष पर उनकी बेटी और नाती-नातिन की हत्या का आरोप लगाया है।
शिकायत पर पति, सास समेत चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मृतकों में मीनू पत्नी विशाल महाजन (32), पौने तीन साल के मासूम विशु महाजन और 28 दिन की मासूम बच्ची शामिल है।
मृतका के पिता सुरिंद्र कुमार ने बेटी समेत नाते-नातिन को खाने में जहरीला पदार्थ देकर मार डालने और बाद में आग लगाकर लाशों को जलाने के आरोप लगाए हैं।
शिकायत पर पुलिस ने मीनू के पति, सास समेत चार ससुरालियों के खिलाफ हत्या के आरोप समेत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौके से पुलिस ने फारेंसिक जांच के लिए खाद्य पदार्थ के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतका का पति विशाल माता वैष्णो देवी कल से यात्रा पर गया बताया जाता है।
जानकारी के मुताबिक बेगोवाल में तड़के विवाहिता की दो मासूमों समेत झुलसने से मौत की खबर के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसएसपी राकेश कौशल, एसपी (डी) जसपाल सिंह, डीएसपी रूरल प्रभजोत सिंह विर्क, तारागढ़ पुलिस थाना के एसएचओ रमेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू किए।
मौत को हादसे का रूप देने के लिए कमरे में आग लगा दी
प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसी नरेश कुमार ने बताया कि तड़के सुबह चार बजे मीनू की सास चांद रानी के घर में आग लगे होने का ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आग बुझाने पर बुरी तरह से झुलस चुकी मीनू और उसके दोनों बच्चों की लाश जल चुके बेड पर पड़ी थी।
सास चांद रानी ने बताया कि विशाल कल घर से वैष्णो देवी की यात्रा के लिए चला गया था और पीछे बच्चों के साथ दोनों अकेली घर पर थी। उन्होंने बताया कि रात को खाना खाने के लिए बाद दोनों अपने कमरों में सोने के लिए चली गई। सुबह पौने चार बजे मीनू के कमरे से जलने की दुर्गंध आने पर बाहर आकर देखा तो कमरे में आग लगी थी।
दूसरी तरफ पठानकोट पुलिस के होमगार्ड में तैनात मृतका के पिता सुरिंद्र कुमार ने बताया कि मीनू की शादी 2011 को हुई थी और शादी के कुछ समय बाद ही ससुराली दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि मीनू को बच्चा होने पर बेड खरीदकर दिया था, लेकिन ससुराली तब भी संतुष्ट नहीं हुए और उससे मारपीट की जाती रही।
कई बार पंचायत ने दोनों के बीच राजीनामा भी कराया। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि उनकी बेटी और दोनों बच्चों को खाने में पहले कोई जहरीला पदार्थ दिया गया है और उसके बाद कमरे में आग लगा दी गई ताकि मौत को हादसे का रूप दे दिया जाए।
उन्होंने कहा कि आग लगने की स्थिति में व्यक्ति अपने बचाव को इधर उधर भागने के साथ शोर मचाता है, लेकिन बेड पर तीनों लाश सोने की स्थिति में पड़ी थी। उधर, डीएसपी रूरल प्रभजोत सिंह विर्क ने बताया कि मृतका के पिता के बयानों पर पति विशाल महाजन, सास चांद रानी, बहन दीनानगर निवासी सुमिती और पठानकोट निवासी बड़े जीजा बब्बी के खिलाफ हत्या समेत कई आरोपों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूछने पर उन्होंने बताया कि फारेंसिक जांच के लिए खाने के सैंपल लिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। लाश को पोस्टमार्टम के लिए पठानकोट सिविल अस्पताल भेज दिया गया है।