हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉस्टल नंबर एक के कमरा नंबर 91 में बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने पंखे से परना बांधकर फांसी लगाई। कमरे में सुसाइट नोट भी नहीं मिला।
इससे छात्र के आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। हालांकि छात्र ने आत्महत्या से पहले अपने परिजनों से फोन पर बात की थी और उसके बाद शनिवार दोपहर बाद फोन बंद कर दिया था। इसके बाद से छात्र ने परिजनों से संपर्क नहीं किया। पुलिस ने पिता के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक छात्र विनीत सोनीपत के बागडू गांव का रहने वाला था।
29 मई को हो गए थे एग्जाम: मृतक छात्र के पिता सिल्कराम ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा विनीत बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष का छात्र था। उसने हॉस्टल में कमरा ले रखा था। 29 मई को उसके एग्जाम पूरे हो गए थे। 30 मई को उसे लेने के लिए वे यूनिवर्सिटी आए थे और सोनीपत लेकर चले गए थे। 10 जून को विनीत हॉस्टल के नो- ड्यूज संबंधी बात कहकर यूनिवर्सिटी वापस आया। वह हॉस्टल के कमरा नंबर 91 में ठहर गया। इस कमरे में तीन अन्य छात्र रहते थे जो छुट्टी होने के कारण घर चले गए थे। ऐसे में विनीत कमरे में अकेला था। शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे विनीत की मां के साथ बात हुई थी। तब विनीत ने घर के लिए कुछ समय में हॉस्टल से रवाना होने की बात कही थी। लेकिन दोपहर 12 बजे जब उसे फोन किया गया तो उसका फोन बंद आया। इसके बाद परिजनों को ज्यादा चिंता हुई तो वह रात 9 बजे के बाद जीजेयू पहुंच गए।
रात भर तलाशा, सुबह कमरे में मिली लाश: परिजनों ने रात को सिक्योरिटी गार्ड व इंचार्ज को बताया कि उनका बेटा घर नहीं पहुंचा है और वह हॉस्टल के किसी कमरे में है। इसके बाद देर रात तक परिजन सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर हॉस्टल में विनीत के कमरे पर गए। कमरे के गेट पर ताला लगा हुआ था। ऐसे में उन्होंने साथ लगते कमरा नंबर 93 के छात्र को उठाया और कमरे के पीछे बनी बालकनी से विनीत के कमरे में देखने की कोशिश की।
अंधेरा होने के कारण परिजनों को कुछ दिखाई नहीं दिया। जिसके बाद हॉस्टल के अन्य कमरों की तलाशी ली गई । लेकिन उन्हें विनीत नहीं मिला। सुबह 9 बजे के करीब सिक्योरिटी गार्ड को लेकर परिजन फिर से विनीत के कमरे पर पहुंचे। उसके बाद 93 नंबर कमरे से होते हुए बालकनी में गए। वहां से उन्होंने कमरे की खिड़की पर लगे कागजों को हटाया तो देखा विनीत का शव पंखे के हुक से लटका हुआ दिखाई दिया।