जमीन के कब्जे को लेकर स्प्रे से फसल नष्ट करने के मामले पर हुए विवाद के दौरान घायल व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज करने के बदले 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते थाना खेमकरण के प्रभारी सब इंस्पेक्टर विश्वामित्र को विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार कर लिया। मौके पर उसके क्वार्टर से 24 बोतलें अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई।
गांव मेहंदीपुर में 16 मार्च को जमीन पर कब्जे को लेकर एक गुट द्वारा स्प्रे करके फसल नष्ट कर दी। इसके बाद हुए विवाद में एक दर्जन व्यक्ति घायल हो गए, जिनमें से कुछ सरकारी अस्पताल खेमकरण में भर्ती करवाए गए। सलविंदर सिंह पुत्र गज्जन सिंह, महताब सिंह पुत्र बघेल सिंह के साथ थाना खेमकरण के प्रभारी विश्वामित्र ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज करने के नाम पर 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसका सौदा 35 हजार रुपये में तय हो गया।
शिकायतकर्ता सलविंदर सिंह और महताब सिंह ने इस बाबत विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी। डीएसपी नवदीप सिंह और इंस्पेक्टर हरदेव सिंह के आधारित विजिलेंस टीम ने सोमवार को थाना प्रभारी विश्वामित्र को थाने में 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया लिया।
सब इंस्पेक्टर के सरकारी क्वार्टर की तलाशी दौरान टीम ने 24 बोतलें अंग्रेजी शराब बरामद की। इस बाबत सब इंस्पेक्टर विश्वामित्र के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधक एक्ट के तहत केस दर्ज करके उसकी जायदाद की जांच शुरू कर दी हैं। इंस्पेक्टर हरदेव सिंह ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।