मोहाली जिला ट्रांसपोर्ट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर से रिश्वत लेने के मामले में जिला अदालत ने लुधियाना के पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) गुरुचरण सिंह और बुद्ध सिंह को दो-दो साल की सजा सुनाई है।
साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह फैसला एडिशनल जिला सेशन जज तरनतारन सिंह बिंद्रा की अदालत ने सुनाया है। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, गुरचरण सिंह ब्यूरो में डीएसपी के पद पर तैनात थे। जिसे कुछ समय पहले ही एसीपी लुधियाना तैनात किया गया था।
इस दौरान मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर राकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ लोगों की शिकायत थी कि वह लोगों से गाड़ियां पास कराने और डीटीओ ऑफिस से संबंधित काम करवाने के लिए पैसे लेता है। इस मामले की जांच गुरचरण सिंह कर रहे थे। उन्होंने कई बाद गुप्ता को अपने दफ्तर तलब किया था। इसके अलावा उसके घर की तलाशी भी ली थी। डीएसपी से तंग आकर गुप्ता ने उनसे केस रफादफा करने की गुहार लगाई।
इस बीच विजिलेंस अधिकारी ने बुद्ध सिंह के माध्यम से गुरचरण सिंह को 25 लाख रुपये देने का सौदा तय किया था। लेकिन, शिकायत का निपटारा नहीं हो सका। हालांकि, बाद में गुरचरण सिंह ने दबाव में आकर शिकायतकर्ता को दो किश्तों में पैसे लौटा दिए।
इसके बाद गुप्ता ने उनके खिलाफ पंजाब विजिलेंस के सीनियर अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। विजिलेंस ने गुरचरण सिंह और बुद्ध सिंह के खिलाफ इंस्पेक्टर राकेश कुमार गुप्ता की शिकायत को आधार बनाकर 10 सितंबर 2012 को विजिलेंस थाना फेज-8 में केस दर्ज किया था।