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बहनों की 'बहादुरी': लड़की पक्ष ने एसआईटी को घेरा

Thu, 26 Feb 2015 06:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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रोडवेज बस में दो बहनों से कथित छेड़छाड़ व मारपीट मामला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लड़की पक्ष के वकील ने एसआईटी पर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि एसआईटी आरोपियों के इशारे पर काम कर रही है।
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एसआईटी से पूछा है कि बताया जाए आखिरकार किन सवालों के जवाब तलाशने के लिए दोनों बहनों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। वे टेस्ट के दौरान पूछे गए सवालों के बारे में पहले ही साफ कर चुके हैं कि मामले से संबंधित सवाल नहीं किए गए।

लड़की पक्ष के वकील अतर सिंह पंवार ने बुधवार को अपने चैंबर में बुलाई पत्रकारवार्ता में कहा कि मामले की जांच किसी केंद्रीय जांच एजेंसी से कराई जाए। जांच करने वालों में दोनों पक्षों की जाति से संबंधित कोई व्यक्ति न हो।
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उन्होंने कहा कि एसआईटी गठन की मांग पीड़ित पक्ष ने ही की थी, लेकिन मांग ये भी की गई थी कि एसआईटी किसी रिटायर्ड सेशन जज अथवा एडिशनल सेशन जज के नेतृत्व में गठित हो।
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'मांगें नहीं मानी तो सामाजिक स्तर पर विरोध'

पूजा और आरती के पिता राजेश ने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे सामाजिक स्तर पर विरोध करेंगे। उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और कोर्ट से ही न्याय की उम्मीद है।

यूं घेरा एसआईटी को
- एडवोकेट पंवार ने कहा कि उनकी मुवक्किलों को घटना वाले दिन चलती बस से नीचे फेंका गया, लेकिन मांग करने के बाद भी आज तक हत्या के प्रयास की धाराओं को नहीं जोड़ा गया।
- फर्जी शपथपत्र देने वाली महिलाओं के खिलाफ उनके ही गांव के लोगों को एसपी और एसआईटी अधिकारियों से मिलवा चुके हैं, लेकिन आज तक उनके बयान तक रिकार्ड नहीं किए।

- पॉलीग्राफ टेस्ट 22 दिसंबर को हुआ। आज तक उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि रिपोर्ट आई है अथवा नहीं। लेकिन, यह रिपोर्ट आरोपी पक्ष के पास कैसे पहुंच गई। या तो ये रिपोर्ट जिला पुलिस की ओर से आरोपी पक्ष को सौंपी गई है या फिर सीबीआई ने रिपोर्ट को लीक की है। एसपी और एसआईटी स्पष्ट करें कि रिपोर्ट कहां से लीक हुई और किसने की है?

- दूसरे वीडियो (हुडा सिटी पार्क वाले) में मौजूद आरोपी युवक की पहचान होने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि लिखित में शिकायत दी जा चुकी है।
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