रोडवेज बस में बहनों से कथित छेड़छाड़ और मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया। दरअसल खाप पंचायतों के बाद अब राज्य महिला आयोग ने मामले में समझौते की पहल की है। शुक्रवार को आयोग ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया। यह पहला मौका रहा कि दोनों बहनें और तीनों आरोपी आमने-सामने आए।
डीसी ऑफिस के कांफ्रेंस हॉल में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने दोनों पक्षों से अलग-अलग और फिर सभी को एक साथ ले जाकर बंद कमरे में बात की। डेढ़ घंटे मंथन के बाद भी मामला एक बार फिर माफी पर अटक गया है। लड़की पक्ष का कहना है कि वे मामले में सार्वजनिक माफी से कम किसी भी बात पर समझौता नहीं करेंगे।
पूजा और आरती ने दावा किया कि लड़कों ने तो महिला आयोग के सामने बंद कमरे में शुक्रवार को भी माफी मांग ली, लेकिन हमें सार्वजनिक माफी से कम कुछ मंजूर नहीं है।
वहीं, आरोपी युवक कुलदीप ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि हम लड़कियों से माफी नहीं मागेंगे और कोर्ट में न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। आयोग ने दोनों पक्षों को सोचने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
दोनों बहनों के साथ अलग से कमरे में बात की
शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने महिला उत्पीड़न के 18 मामलों में सुनवाई की। उन्होंने इसी प्रक्रिया में बस में कथित छेड़छाड़ मामले में दोनों पक्षों को भी बुलाया। पहले आयोग ने थाना खुर्द निवासी दोनों बहनों पूजा और आरती के साथ अलग से कमरे में बात की। इसके बाद तीनों आरोपियों गांव आसन निवासी कुलदीप, मुकेश और मोहित से बात की।
दोनों के परिजनों व वकीलों से बात की और बाद में लड़कों व दोनों बहनों को एक साथ बुलाकर बंद कमरे में समझौते का प्रयास किया। लेकिन दोनों बहनों ने आरोपी युवकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। इस पर लड़कों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने से इंकार कर दिया और वे बाहर आ गए। डेढ़ घंटे मंथन के बाद भी मामला सिरे नहीं चढ़ पाया।
पूजा व आरती, थाना खुर्द गांव निवासी दोनों बहनों ने बताया कि आरोपी युवकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात की थी। घटना वाले दिन उन्होंने थाने में भी माफी मांगी थी। यदि बंद कमरे में युवक माफी मांगते हैं और हम माफ कर भी देंगे तो आरोपी पक्ष बाद में कुछ भी आरोप लगा सकता है। इसलिए हम केवल उनसे सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने माफी मंगवाने की बात कर रहे हैं, ताकि वे हम पर कोई और आरोप न लगा सकें। आरोपी युवक तो शुक्रवार को भी महिला आयोग के सामने बंद कमरे में माफी मांगने को तैयार हो गए थे और एक ने माफी भी मांगी, लेकिन हमें सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
आयोग ने दोनों पक्षों को एक सप्ताह का समय दिया
कुलदीप, आसन गांव निवासी आरोपी युवक ने कहा, मामले में सप्ताह बाद दोबारा बैठक होगी। हमने बंद कमरे में कोई माफी नहीं मांगी है और न ही आगे माफी मांगेंगे। हम न्याय के लिए कोर्ट में ही लड़ाई लड़ेंगे।
एडवोकेट संदीप राठी, बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक हमें केवल जांच में शामिल होने के लिए डीएसपी कार्यालय की ओर से संदेश मिला था। हमें यह नहीं बताया गया था कि राज्य महिला आयोग ने बुलाया है। हम पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
सुमन दहिया, उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग, हरियाणा ने कहा कि दोनों पक्षों को आपस में बातचीत के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। दोनों पक्षों की ओर से पत्र मिला था, इसलिए उन्हें एक साथ बुलाया गया। दोनों पक्षों की सहमति से ही समझौते का प्रयास किया है। उनके कुछ लोग अभी मौजूद नहीं हैं, इसलिए आपस में समन्वय बनाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
इस एक सप्ताह में दोनों पक्ष आपस में सहमति बनाकर सूचित करेंगे। फिर दोबारा बैठक कर समझौता कराया जाएगा। मामले में खुद महिला आयोग भी सार्वजनिक माफी मांगने की बात से सहमत नहीं हैं। क्योंकि हमारा उद्देश्य नहीं है कि किसी एक पक्ष को यूं सामने लाया जाए।