जन्माष्टमी की रात रंजिश के चलते पंजाब में लुधियाना के गांव मानगढ़ के ही रहने वाले परवेज आलम (19) की तेजधार हथियार से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए जंगल में फेंक दिया। मंगलवार की किसी राहगीर ने खून से लथपथ शव देखकर पुलिस को सूचना दी। इस पर थाना कूमकलां की पुलिस मौके पर पहुंच और जांच के बाद प्रवेज आलम का शव पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस ने इस मामले में परवेज आलम के पिता मुस्तफा अंसारी की शिकायत पर गांव मानगढ़ के रहने वाले मोनू सिंह, शहाबुद्दीन और समीर के खिलाफ हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी मोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। मृतक के पिता मुस्तफा अंसारी ने बताया कि वह मूल रुप से उत्तरप्रदेश के जिला कुशीनगर के रहने वाले है। यहां पर वह मानगढ़ गांव में ही क्लीनिक चलाते है। उनके बेटे की शहाबुद्दीन के साथ किसी बात को लेकर रंजिश चल रही थी।
गांव में जन्माष्टमी का समारोह चल रहा था। उनका बेटा और शहाबुद्दीन भी वहां मौजूद था। वहां पर दोनों की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, लेकिन लोगों के बीच बचाव के चलते मामला शांत हो गया था। कुछ समय बाद उनका बेटा समारोह में फिर से चला गया। वह सो गए। जब सुबह उठे तो उनका बेटा घर नहीं आया था। वह परवेज आलम को देखने के लिए बाहर गए तो आरोपियों के घरों में ताले लगे थे। उनके मन में कई तरह की शंकाएं पैदा हुईं। इस बारे में पुलिस को भी सूचित कर दिया।
इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दी कि गांव के जंगल में खून से लथपथ शव पड़ा है। वहां जाकर शव देखा तो परवेज का था। आरोपियों ने तेजधार हथियार से उसकी हत्या की थी। थाना कूमकलां के एसएचओ इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी मोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी दोनों आरोपी फरार है। आरोपी मोनू से पूछताछ कर फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में छापामारी शुरू कर दी गई है।