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बूथ घोटाला: हमला होने के बाद व्यापारी को दी सुरक्षा

Tue, 19 Aug 2014 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हाईप्रोफाइल बूथ घोटाला उजागर करने वाले दिनेश सूद उर्फ बिट्टू पर हमले में अफसरों की लापरवाही भी सामने आई है। बिट्टू के बार-बार सुरक्षा मांगने के बावजूद अफसरों ने उस पर गौर नहीं किया।
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आर्म्स लाइसेंस के लिए उसका आवेदन भी दो साल से अटका पड़ा है। बूथ घोटाला ने चंडीगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी थी। यह मामला लोकसभा में भी गूंजा था। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए गए थे। बिट्टू का कहना है कि घोटाला उजागर करने के बाद से उन्हें निरंतर धमकियां मिल रही थीं।

इसलिए उन्होंने सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की थी। दिसंबर 2012 में उन्होंने उपायुक्त कार्यालय में आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, मगर अफसरों ने न तो सुरक्षा मुहैया कराई और न ही अभी तक लाइसेंस जारी किया।
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हमले की वजह

प्रशासन ने पिछले दिनों में कृष्णा मार्केट के ऐसे 8 बूथों को सील किया था, जिन्हें उनके मालिकों की जगह कोई ओर चला रहा था। अब प्रशासन इनकी सील प्रशासन खोलने में विचार कर रहा था।

सील न खोलने की मांग को लेकर बिट्टू मंगलवार को वित्त सचिव से मिलने जाने वाले थे। बिट्टू के अनुसार इससे पहले ही उन पर हमला करवा दिया गया। उनके अनुसार बूथ सील होने के बाद कुछ दुकानदारों ने उनसे गाली गलौच भी की थी।

इस पर उन्होंने 9 मई को फिर से डीसी को पत्र देकर सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने जब सेक्टर-39 पुलिस थाना प्रभारी से सुरक्षा का स्टेटस पता किया तो बताया गया कि उनका केस कानूनी राय के लिए भेजा गया है।

गाइडलाइन की परवाह नहीं की

गृहमंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक भी ऐसे व्यक्ति को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए जो किसी घोटाले को उजागर करता है। मगर अफसरों ने शिकायतकर्ता के मांगने पर भी उसे सुरक्षा नहीं दी।

अब हमला होने के बाद अस्पताल में भर्ती बिट्टू की सुरक्षा के लिए वहां एक कांस्टेबल तैनात कर दिया गया है। बिट्टू को रविवार रात घर के बाहर चार लोगों ने बुरी तरह पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उनके जबड़े पर चोट है। बाजू की हड्डी दो जगह से टूट चुकी है।

डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने को कहा है। बिट्टू की पत्नी और बच्चे सोमवार को न्याय की गुहार लेकर डीसी मोहम्मद शाईन से मिलने उनके घर गए। वहां तैनात स्टाफ ने यह कह कर उन्हें लौटा दिया कि डीसी साहब छुट्टी पर हैं। बिट्टू की पत्नी के अनुसार उन्हें डीसी के पीए का मोबाइल नंबर देकर जाने को कह दिया गया।

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अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

सेक्टर-39 पुलिस ने बिट्टू पर हमले के मामले में अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया है। हलांकि बिट्टू ने सेक्टर-41 की मार्केट के अनिल कुमार उर्फ लालटू पर शक जाहिर किया है। लालटू भी किसी अन्य को अलाट बूथ पर फाइनांस का कारोबार करता है। शनिवार को मार्केट के एक अन्य दुकानदार सुनील पर भी हमला हुआ था।

पुलिस ने इसमें लालटू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी गुरमुख सिंह का दावा है कि हमलावरों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पूर्व एडीसी पीएस शेरगिल ने बूथ घोटाले की जांच की थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में प्रशासन के 13 अफसरों और कांग्रेस के कुछ नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए थे। प्रशासन ने इस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था और एक अन्य जांच कमेटी बना दी थी। इस मामले में अपात्र लोगों को बूथ अलाट करने का आरोप था।
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