शहर में 1997 में किला रोड और सब्जी मंडी में हुए बम धमाकों के मुख्य आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को जिला कोर्ट में पेश किया गया।
सब्जी मंडी में हुए धमाके के मामले में 4 गवाहों ने बयान दर्ज कराए। इनमें दिल्ली पुलिस के एसीपी, एक डॉक्टर, रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर और एक घायल शामिल रहे। चारों आरोपियों ने टुंडा को पहचानने से इंकार कर दिया। चारों ने कहा कि घमाके के वक्त उन्होंने टुंडा को नहीं देखा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश शर्मा की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है।
बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट विनीत वर्मा ने बताया कि कोर्ट में डॉ. अमरजीत राठी, दिल्ली पुलिस के एसीपी दता राम, दिल्ली पुलिस के पूर्व एसआई महेंद्र सिंह, धमाके में घायल हुए भाली आनंदपुर निवासी सतीश ने बयान रिकार्ड कराए। डॉ. राठी ने घायल मुकेश का इलाज किया था।
एसीपी दाता राम ने दिल्ली में हुए बम धमाके के मामले में नई दिल्ली के मुख्य थाना का एसएचओ रहते हुए एक आतंकवादी मोहम्मद आमिर खान को गिरफ्तार किया था। एसआई महेंद्र सिंह उस समय दिल्ली थाना में बतौर कांस्टेबल थे और मामला दर्ज किया था।
उस समय पूछताछ में आतंकी आमिर खान ने स्वीकार किया था कि धमाके उन्होंने किए हैं और ये बम अब्दुल करीम टुंडा ने बनाए हैं।
एडवोकेट वर्मा ने बताया कि इससे पहले टुंडा को सोनीपत के सिनेमा हाल में हुए धमाके के आरोप में सोनीपत अदालत में भी पेश किया गया। इसमें कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तारीख निर्धारित की है।