डीएसपी कुलविंद्र सिंह विर्क और हाजीपुर थाना प्रभारी अमरजीत कौर ने बताया कि सात मई को विकास दत्ता की आत्महत्या के बाद उसके मोबाइल को खंगाला गया। उसमें पैसे की डिमांड के मैसेज मिले। इसके पुलिस ने मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया। पूछताछ में ब्लैकमेल करने वालों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
विकास दत्ता सात मई को आत्महत्या से पहले पांच मई को मुकेरियां के पुआरा गांव में महिला सलमा के साथ मनारो उर्फ कृष्णा के घर गया था। घर पर सलमा, सोनिया, मनारो उर्फ कृष्णा, चरणजीत कौर, हिदायता, आशा और मंगत उर्फ बग्गी ने विकास दत्ता पर पैसों देने का दबाव बनाया और उसे कथित तौर पर धमकी दी। शर्म के मारे विकास दत्ता ने इस बात से परेशान होकर सात मई को आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस ने जांच के बाद मनारो उर्फ कृष्णा निवासी मुरादपुर जटां हाल निवासी पुआरां (मुकेरियां), चरणजीत कौर निवासी टांडा राम सहाय (मुकेरियां), हनी कुमार निवासी आनंद भवन गली, पुराना बाजार, गुरदासपुर और हिदायता निवासी बुड्ढावड थाना हाजीपुर को गिरफ्तार किया है।
हाजीपुर थाना प्रभारी अमरजीत कौर ने बताया कि महिलाओं को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत गिरफ्तार किया गया है। महिलाओं को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा और पता लगाया जाएगा कि इन्होंने अभी तक कितने लोगों को हनी ट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल किया।