टोहाना के बाबा बालकनाथ मंदिर का बाबा अमरपुरी उर्फ बिल्लू अफीम का भी आदी था। वह महिलाओं को भी इलाज के बहाने पहले चाय में अफीम मिलाकर देता था। जब महिलाओं को नशा हो जाता था तो बाबा उनसे जबरन दुष्कर्म करता और उनकी वीडियो बनाने के बाद उनको ब्लैकमेल करता था। यह खुलासा बाबा के दो दिन के रिमांड में हुआ है। पुलिस ने बाबा की निशानदेही पर टोहाना के श्मशान घाट में एक लिफाफे में बंद 7 ग्राम अफीम व पिस्तौल का लाइसेंस बरामद हुआ है।
बाबा के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत और केस दर्ज कर लिया है।
रिमांड अवधि के दौरान पहले बाबा अफीम न पकड़ी जाए, इसके लिए वह पुलिस को गुमराह कर रहा था। पुलिस बाबा की लाइसेंसी पिस्तौल बरामद करना चाहती थी। इस पर बाबा ने पुलिस को बताया था कि उसकी लाइसेंसी पिस्तौल मलोट में है। जब पुलिस उसे लाइसेंसी पिस्तौल मलोट से बरामद करने के लिए अपने साथ पंजाब लेकर जा रही थी तो उसने बताया कि वह इस बारे में झूठ बोल रहा है। रिमांड में बाबा ने बताया कि वह अफीम का आदी है। जब कोई महिला उसके पास ओपरी पराई का इलाज करवाने आती थी तो वह पूजा के बहाने श्मशान घाट में जाता था। यहां पर उसने अफीम छिपा रखी थी।
संबंध बनाने से पहले करता था अफीम का सेवन
बाबा ने बताया कि श्मशान घाट में जाकर वह पहले अफीम का सेवन करता था। इसके बाद वह कुछ अफीम अपने साथ लेकर वापस मंदिर आ जाता था। मंदिर में पूजा के बहाने वह महिलाओं को चाय में अफीम मिलाकर दे देता था। महिलाओं को अफीम का नशा होने पर वह उनको अकेले में ओपरी पराई दूर करने के लिए अपने कमरे में ले जाता था। यहां पर वह महिलाओं से दुष्कर्म करके उनकी वीडियो बनाता था और बाद में उनको ब्लैकमेल करता था।
अफीम न पकड़ी जाए, इसलिए कर रहा था गुमराह
रिमांड के दौरान बाबा ने बताया कि उसने 15 दिन पहले ही श्मशान घाट में अफीम छिपाई थी। अफीम के साथ ही उसकी पिस्तौल का लाइसेंस रखा हुआ था। अगर वह पुलिस को लाइसेंस के बारे में बता देता तो उसकी अफीम भी पकड़ी जाती और उस पर एक और केस हो जाता। इसलिए उसने पुलिस को गुमराह किया।
पुलिस ने बरामद की 7 ग्राम अफीम
डीएसपी जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि टोहाना पुलिस ने बाबा की निशानदेही पर टोहाना के श्मशान घाट में एक पॉलीथिन के लिफाफे में पड़ी 7 ग्राम अफीम व उसके पिस्तौल का लाइसेंस बरामद कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत और केस दर्ज किया है।