सोमवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर करीब 150 कर्मचारियों ने कॉम्बिंग अभियान चलाया। जोहड़ के आसपास के क्षेत्र, खेतों, झाड़ियों में सर्च किया। करीब दो घंटे के अभियान के दौरान पुलिस ने सिर बरामद किया, जिसमें खोपड़ी के साथ दांत ही हैं।
इससे कुछ दूरी पर हड्डियों के कुछ और टुकड़े मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह छोटी बच्ची के सिर के हैं। मौके पर ही फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। डीएसपी की मौजूदगी में सभी टुकड़ों को डिब्बों में डाला गया।
आरोपी राजेश की निशानदेही पर पुलिस उसके उमरावत गांव स्थित प्लॉट से एक खून से सना गद्दा और पतीला बरामद किया। राजेश ने बताया कि महिला इस पर सो रही थी तो उसका गला काटा। बड़ी लड़की ने भागने का प्रयास किया, तो पकड़कर उसका गर्दन धड़ से अलग कर दिया।
छोटी बच्ची को फर्श पर रखकर गर्दन काट दी। कटर मशीन से शवों के छोटे-छोटे टुकड़े किए। इसके बाद पतीले में पानी डालकर छोटी बच्ची के शव के टुकड़े करके उबाल दिया। बाद में उसके साथी मक्खन ने पतीला धोया। इसी पतीले में पहले चिकन बनाकर खाया था।
यह है मामला
28 दिसंबर 2018 की सुबह भिवानी-रोहतक नेशनल हाईवे पर खरक गांव के पास एक प्लास्टिक ड्रम में तीन शव मिले थे। जांच की गई तो तीनों के सिर नहीं थे। पुलिस जांच में सामने आया कि शव असम की एक महिला और उसकी दो बच्चियों के थे, जिन्हें बावड़ी गेट पर कबाड़ी की दुकान चलाने वाले राजेश ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मार दिया था। पुलिस ने पहले राजेश के दो साथी मक्खन और पूनम फौजी को गिरफ्तार किया। तीन दिन पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश कबाड़ी को गिरफ्तार किया। राजेश दिल्ली में छिपा था।