पुलिस कमिश्नर के अनुसार पुष्पिंदर की जीपीएल नाम की अकादमी थी। आरोपी जसप्रीत भी वहां पढ़ने के लिए आता था। इस दौरान पुष्पिंदर और जसप्रीत में संबंध बन गए। कुछ समय पहले जसप्रीत और पुष्पिंदर के संबंधों के बारे में हरविंदर पाल सिंह को पता चल गया था।
वह अक्सर पुष्पिंदर के साथ मारपीट करता था। पुष्पिंदर अपने पति की मां से तंग थी और उसने जसप्रीत के साथ बात की और पति को ही रास्ते से हटाने की प्लानिंग बनाई। आरोपी महिला ने जसप्रीत के साथ तीन लाख रुपये में सौदा तय कर लिया और एक लाख रुपये बतौर एडवांस दे दिए।
पहले दाल में डालीं नशीली गोलियां फिर की हत्या
पुलिस कमिश्नर के अनुसार आरोपी महिला ने पूछताछ में बताया कि 13 अगस्त की रात दस बजे से पहले उसने हरविंदरपाल सिंह को दाल में मिला कर नशीली दवा दी। हरविंदरपाल के बेहोश होने के बाद जसप्रीत और उसके दोस्त राजेश को अंदर बुला लिया। आरोपियों ने मिल कर हरविंदरपाल के पीठ के पीछे और गर्दन के पास सुआ मारकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद तीनों ने कमरे को पूरी तरह से साफ किया। सुबह चार बजे पुष्पिंदर ने रिश्तेदारों और इलाका निवासियों को बताया कि उसके पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घर पर हरविंदरपाल की मां ने काफी शोर मचाया था, लेकिन किसी ने नहीं मानी तो अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में फोन हाथ लगने पर नसीब कौर ने इसकी शिकायत पुलिस को दी और सारा मामला खुल कर सामने आया।