भिंडरावाला टाइगर फोर्स ने खुले आम धमकी देते हुए कहा है कि जो भी सिख कौम पर जुल्म करेगा। उसे वे सुख की नींद नहीं सोने देंगे। इसी के साथ जालंधर के मकसूदां थाने पर हुए बम हमले की जिम्मेदारी भिंडरावाला टाइगर फोर्स ने ली है। शनिवार दोपहर को दिलबाग सिंह नामक व्यक्ति की ओर से btfkpunjab@gmail.com ईमेल आईडी से भिंडरावाला टाइगर फोर्स ऑफ खालिस्तान की लेटर हेड पर पत्रकारों को भेजे गए प्रेस नोट में कहा गया है कि मकसूदां थाने और एसएसपी कार्यालय नवांशहर और दरिया पुल स्टेशन चंडीगढ़ पर हुए बम हमले उनकी तरफ से करवाए गए हैं।
पुलिस ने नवांशहर और चंडीगढ़ के पुलिस ठिकानों पर हुए हमले की खबर को बाहर नहीं आने दिया। प्रेस नोट में चेतावनी दी गई है कि जो भी सिख कौम पर जुल्म करेगा, उसे सुख की नींद नहीं सोने दिया जाएगा। इसके अलावा नोट में कहा गया कि उनकी तरफ से किसी को कोई वार्निंग नहीं दी जाएगी बल्कि कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि ई-मेल शरारत से किया गया है या फिर इसमें कोई सच्चाई है। पुलिस कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है।
एनएसजी के हाथों हमले की जांच
जांच के लिए पहुंचे एनएसजी कमांडो
जालंधर के मकसूदां थाने पर विस्फोट में किस तरह के बम का इस्तेमाल किया गया इसको लेकर सारा दिन पुलिस अधिकारी माथापच्ची करते रहे। आखिरकार तय हुआ कि दिल्ली से एनएसजी की टीम को बुलाया जाए, क्योंकि उनकी फोरेंसिक लैब काफी बेहतरीन मानी जाती है। शुक्रवार को मकसूदां थाने के भीतर चार ब्लास्ट हुए थे, जिसमें से एक एसएचओ रमन कुमार के कमरे के बाहर हुआ था।
थाने में फटे बम में न तो लोहे का इस्तेमाल किया गया और न ही कांच का। इसकी जांच पहले जालंधर कमिश्नरेट, फिर पीएपी और फिल्लौर की फोरेंसिक टीमों ने की। लेकिन वे पता करने में नाकाम रहीं कि आखिर यह किस तरह का बम था। इसके बाद चंडीगढ़ और पटियाला से टीमों को बुलाया गया। लेकिन उनके पल्ले भी कुछ नहीं पड़ा।
इसके बाद कमिश्नर प्रवीण सिन्हा ने फैसला लिया कि मामले में एनएसजी की सहायता ली जाए। सिन्हा ने डीजीपी सुरेश अरोड़ा को यह बात बताई। डीजीपी ने दिल्ली गृह मंत्रालय से बात की। इसके बाद मेजर अजय यादव के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एनएसजी टीम ने शाम को जालंधर पहुंचकर जांच का काम संभाल लिया।
अलग-अलग दिशाओं से फेंके गए बम
मकसूदां थाने में तैनात पुलिसकर्मी
वहीं आईजी जोनल नौनिहाल सिंह ने एसएसपी देहाती नवजोत सिंह माहल के साथ शनिवार को सुबह मकसूदां थाने का दौरा कर बारीकी से जायजा लिया। आईजी नौनिहाल सिंह ने थाने में हमले के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने पूछा कि वारदात के दौरान मुंशी कहां था? एसएचओ रमन किस कमरे में थे और क्या कर रहे थे।
वहीं पुलिस ऑफ कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा भी घटनास्थल पर दोबारा पहुंचे और लोगों से जानकारी हासिल की। आसपास के दुकानदारों के अलावा रेहड़ी व खोखे वालों को भी पुलिस ने पूछा, लेकिन एक भी ऐसा शख्स नहीं मिला, जो यह कह सके कि उसने मकसूदां थाने में बम फेंकने वाले को देखा था।
चार बम फेंकने में हमलावर को वक्त लगा, एक बम उसने एसएचओ रमन कुमार के कमरे के बाहर बनी चाहदीवारी की तरफ से फेंका, जबकि दूसरा बम मुख्य मार्ग की तरफ से और तीसरा और चौथा बम अलग दिशा से फेंका। ऐसी आशंका भी हो रही है कि हमलावरों की संख्या दो भी हो सकती है। कमिश्नर सिन्हा का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हमारी टीम वर्क कर रही हैं अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
कई संदिग्ध नंबरों की जांच
वहीं कमिश्नरेट पुलिस की आईटी टीम भी सक्रिय हो गई है और इलाके में मोबाइल टावर की कॉल लिस्ट को निकालकर खंगाला जाने लगा है। टीमें कई संदिग्ध नंबरों की जांच कर रही हैं। कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है और हमलावर कोई सुराग छोड़कर नहीं गया है। हमारी जांच चल रही है।